
हिंडोली. हरिपुरा गांव में मासूम बालिका खुशबू को समाज से बहिष्कृत करने पर पुलिस ने आधा दर्जन से अधिक पंच-पटेलों के खिलाफ गुरुवार को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी लक्ष्मण सिंह ने बताया कि 2 जुलाई को बालिका खुशबू से टिटहरी का अंडा फूट गया था। इसकी जानकारी गांव के पंच पटेलों को लगी तो उन्होंने बैठक कर बालिका को घर से बहिष्कृत करने का फ रमान जारी कर दिया।
जिस पर बालिका घर के बाहर स्थित एक बाड़े में तिरपाल लगाकर पिता के साथ रह रही थी। बुधवार को जानकारी मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे एवं बालिका को घर में प्रवेश करवाया। पुलिस ने बताया कि गुरुवार को बालिका के पिता हुकमचंद की रिपोर्ट पर हरिपुरा निवासी छीतरलाल, दुर्गालाल, ओंकारलाल, चतुर्भुज, रघुनाथ, लालाराम, ग्यारसीलाल व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रशासन को शिकायत क्यों दी
पुलिस ने बताया कि प्रशासन को सूचना देने के बाद बुधवार रात को पंच पटेलों ने फिर बैठक की। बैठक में पिता हुकुमचंद से कहा कि उसने प्रशासन को समाज की शिकायत क्यों दी। इसके बाद उसे समाज से बहिष्कृत करने की चेतावनी दी। पुलिस ने बताया कि सभी के खिलाफ धारा 38 4 ए, 508 , 120 बी व 6 अस्पृश्यता अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष पहुंची हरिपुरा
बसोली. राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष मनन चतुर्वेदी ने गुरुवार को ग्राम पंचायत सथूर के हरिपुरा गांव में पहुंचकर सामाजिक बहिष्कार का दंश झेलनी वाली मासूम बालिका खुशबू व उसके परिजनों से मुलाकात की।
प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान चतुर्वेदी ने कहा कि अभी भी हमारे पांव आसमान पर हैं। समाज में सामाजिक जागरूकता नहीं होने से इस तरह की घटनाएं घटित हो जाती हैं, जो हमारे लिए खतरनाक हैं। इन बुराइयों को मिटाने के लिए समाज के लोगों को आगे आकर भागीदारी निभाने की आवश्यकता है।