बूंदी

सदस्य बिफरे तो अधिकारियों को छूटते दिखे पसीने, आखिर में हुआ ये

जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक यहां कलक्ट्रेट सभागार में हुई जिसमें बिजली-पानी के मुद्दे छाए रहे।
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Feb 28, 2019
sadasy biphare to adhikaariyon ko chhootate dikhe paseene, aakhir mein
सदस्य बिफरे तो अधिकारियों को छूटते दिखे पसीने, आखिर में हुआ ये

बूंदी. जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक यहां कलक्ट्रेट सभागार में हुई जिसमें बिजली-पानी के मुद्दे छाए रहे। सदस्यों ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए। जिला प्रमुख सोनिया गुर्जर की अध्यक्षता में हुई बैठक करीब चार घंटे चली। बैठक में हिण्डोली प्रधान ममता गुर्जर ने तो यहां तक कहा कि प्रदेश में भले सरकार बदल गई हो, लेकिन अधिकारियों के काम काज का तरीका नहीं बदला। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के समय में हुए घोटालों की जांच होनी चाहिए। सदस्यों ने अनदेखी के आरोप भी लगाए। बैठक में बूंदी जल निधि के अधूरे पड़े एनिकट का निर्माण पूरा कराने को कहा। साथ ही आने वाले दिनों में जल संकट से निपटने के लिए टैंकर से जलापूर्ति कराने और नए हैंडपंप खुदवाने की भी मांग रखी। बूंदी प्रधान मधु वर्मा ने कहा कि अधिकारी काम में मनमानी करते हैं। ऐसे लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। बैठक में नाराज सदस्यों ने नरेगा कार्य योजना का अनुमोदन नहीं किया। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव तैयार करने से पहले उनकी राय ली जानी चाहिए थी। बैठक का संचालन जिला परिषद के सीईओ मुरलीधर मीणा ने किया। जिला कलक्टर रुक्मणि रियार सहित कई अधिकारी मौजूद थे।

Published on:
28 Feb 2019 11:19 pm