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बूंदी।
बूंदी जिला कारागार में रक्षा बन्धन का त्योहार मनाने दर्जनों बहिनें पहुंची। बहिनों ने यहां जेल में बंद भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और उनकी लम्बी उम्र की कामना की। इस दौरान बहिनों की आंखें छलक पड़ी। कई बहिने भाइयों से लिपटकर रो पड़ी। यहां जेल प्रशासन ने बैरक के बाहर भाइयों को राखी बांधने की व्यवस्था की थी। जेल प्रशासन ने बारी-बारी से कैदियों को बाहर बुलाया और उन्हें राखी बांधी। रक्षाबंधन के पर्व पर दर्जनों बहिने NH-52 स्थित जिला कारागृह के बाहर सुबह से ही जमने लगी थी।
शहीद भाई जगदेव की प्रतिमा को बांधी राखी बहन
बूंदी के उमर गांव में शहीद भाई जगदेवसिंह मीणा को राखी बांधने बहन भूरी देवी पहुंची। भूरी देवी ने भाई की कलाई पर राखी बांधी और उसके अमर होने की मंगल कामना की। जगदेव सिंह सीआरपीएफ का जवान था। वह 11 फरवरी 2000 को छत्तीसगढ़ में ड्यूटी के दौरान गाड़ी पर आतंकियों के हमले में शहीद हो गया। शहीद की पत्नी कमला देवी, पुत्री गायत्री, दीपा, पूजा और पुत्र देवराज व मनराज है। इनमें बेटा देवराज अपने पिता की जगह सेना में भर्ती हो गया। उसे सेना में भर्ती हुए पांच वर्ष हो गए। उमर में ही बने शहीद स्मारक पर अन्य बहिनों ने भी शहीद भाइयों की याद में राखी बांधी। उन्हें याद किया।
जिलेभर में राखी का त्यौहार बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। सुबह रोडवेज बस स्टैंड पर महिलाओं की भीड़ देखी गई जिसमें बच्चे भी शामिल थे। इस बार रक्षाबंधन के दिन भद्रा का साया नहीं रहने से बहनें भाई को बिना दौड़ धूप के राखी बांध सकेंगी।
ये है राखी का शुभ मुहूर्त
रक्षाबंधन को भद्रा रहित समय सुबह अलसुबह 4.56 बजे से शुरू होकर पूरे दिन रहेगा। इसीलिए बहनें पूरे दिन में कभी भी राखी बांध सकेगी। रक्षाबंधन के दिन सुबह 7.54 से 9.29 बजे तक चर वेला तथा 9.29 से 12.40 बजे तक लाभ व अमृत वेला में राखी बांधने का श्रेष्ठ मुहूर्त है।
दोपहर 12.14 से 1 बजे तक अभिजीत मुहूर्त सर्वश्रेष्ठ रहेगा। दोपहर 2.15 से 3.50 तक भी रक्षाबंधन का शुभ व उत्तम मुहूर्त है। शाम 7.01 से रात्रि 9.50 तक शुभ व अमृत चौघडि़या भी है, लेकिन पूर्णिमा की तिथि शाम 5.25 बजे तक ही होने से पूर्णिमा तिथि में ही रक्षाबंधन श्रेष्ठ माना गया है।