बूंदी

लक्ष्य के करीब पहुंची बुवाई, अब मानसून दे रहा दगा

जिले में बुवाई का आंकड़ा लक्ष्य के करीब पहुंच गया। हालांकि मानसून की बेरुखी के चलते सोयाबीन और मक्का से किसानों का मोह भंग हो गया।
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Aug 03, 2018
Sowing near the target, now monsoon rains
लक्ष्य के करीब पहुंची बुवाई, अब मानसून दे रहा दगा

बूंदी. जिले में बुवाई का आंकड़ा लक्ष्य के करीब पहुंच गया। हालांकि मानसून की बेरुखी के चलते सोयाबीन और मक्का से किसानों का मोह भंग हो गया। ऐसे में इस बार उड़द की रिकॉर्ड बुवाई की गई। यहां किसानों ने सिंचित और असिंचित क्षेत्र में ८४ हजार हैक्टेयर से अधिक उड़द की बुवाई कर दी। धान की रोपाई भी लक्ष्य से अधिक हो गई, लेकिन अब बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता बढऩे लगी है।

बीते आठ वर्ष के आंकड़ों पर गौर करें तो इस बार सर्वाधिक बुवाई हुई। इस बार २ लाख ५४ हजार हैक्टेयर में बुवाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जिसके मुकाबले अभी तक २ लाख ४२ हजार ८४ हैक्टेयर में बुवाई का काम पूरा कर लिया गया। चम्बल सिंचित क्षेत्र में अभी से नहरी पानी की मांग उठने लगी है।

पानी मांगने लगी फसलें
बारिश का दौर अचानक थमने से फसलों में पानी की आवश्यकता पडऩे लगी है। जानकार सूत्रों ने बताया कि उड़द, मूंगफली व तिल को आने वाले सप्ताह में पानी नहीं मिला तो सूखने लगेगी। यही हाल धान का बना हुआ है।

फूंकने लगे महंगा डीजल
कई इलाकों में किसान महंगा डीजल फूंकने लगे हैं। धान की फसल में पानी भरा रखने के लिए रात-दिन इंजन चलाए जा रहे हैं। यहां परेशानी यह हो गई कि जिले के असिंचित क्षेत्र में जलस्तर भी नहीं बढ़ा।

बुवाई का ग्राफ
फसल लक्ष्य बुवाई
धान ३९ हजार ४४८२२
बाजरा २ हजार १६९१
मक्का ३० हजार २५४००
उड़द ९० हजार ८४३६९
तिल ३ हजार २९२२
सोयाबीन ७० हजार ५९४३७
मूंगफली १ हजार १४१७
अन्य १९ हजार २०४४०
२ अगस्त तक बुवाई व लक्ष्य हैक्टेयर में।

बुवाई का काम जोरों पर चल रहा है। लक्ष्य के करीब पहुंच गए हैं। बारिश नहीं होने से किसानों को कुछ चिंता हो रही है।
रामनिवास पालीवाल, कृषि उपनिदेशक, बूंदी

Published on:
03 Aug 2018 03:32 pm