स्थानीय ग्राम पंचायत में जंगल में पहाड़ी पर स्थित कालदां माता मंदिर में चैत्र नवरात्र के प्रथम दिवस सुबह सुबह दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं का पैंथर ने रास्ता रोक लिया। बीच रास्ते में बैठे पैंथर को देखकर श्रद्धालु घबरा गए तथा वहां से भाग छूटे।
बूंदी. गुढ़ानाथावतान. स्थानीय ग्राम पंचायत में जंगल में पहाड़ी पर स्थित कालदां माता मंदिर में चैत्र नवरात्र के प्रथम दिवस सुबह सुबह दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं का पैंथर ने रास्ता रोक लिया। बीच रास्ते में बैठे पैंथर को देखकर श्रद्धालु घबरा गए तथा वहां से भाग छूटे। बाद में सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पंहुची तथा वन्यजीव के पगमार्ग लिए। जानकारी के अनुसार ङ्क्षहडोली क्षेत्र के गुढ़ा बांध गांव से एक महिला व दो पुरूष अलसुबह पैदल ही दुर्वासा महादेव से कालदां माताजी के लिए रवाना हुए। चढ़ाई पर उनका सामना एक पैंथर से हुआ, जो एक चट्टान पर बैठा हुआ था। पैंथर श्रद्धालुओं की तरफ गुर्राया जिससे वे डर गए तथा भागकर अपनी जान बचाई। कालदां के रास्ते में पैंथर बैठे होने की सूचना पर डाटूंदा नाका प्रभारी राजेश शर्मा मौके पर पहुंचे और पगमार्क लिए। इसके बाद उन्होंने पैंथर होने की पुष्टि की है।
निर्धारित समय पर जाएं मंदिर
पैथर का मूवमेंट बना होने से वन विभाग भी अलर्ट हो गया। वन विभाग ने श्रद्धालुओं को सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक ही जंगल में दर्शन के लिए जाने की सलाह दी है। फिलहाल बाघिन का मूवमेंट कालदां क्षेत्र में नहीं है, लेकिन बघेरों की मौजूदगी बनी हुई है जिससे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
बाघिन के मूवमेंट से सक्रिय हुए बघेरे
रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के कालदां बफर जोन में 5 माह से बाघिन आरवीटी-8 ने अपनी टेरेटरी बना ली है। जंगल में लंबे समय से बाघिन की मौजूदगी से यहां लंबे समय से स्वछन्द विचरण करने वाले बघेरे सतर्क होकर इलाका छोडऩे लगे है। बाघिन के डर से बघेरे जंगल की सीमा व खेतों में आने लगे है। दो दिन से बाघिन वापस बूंदी शहर के नजदीक जाने से बघेरे फिर से कालदां माताजी की वैली में दिखने लगे है।