शहर सहित जिले के कुछ हिस्सों मेें हुई बेमौसम बारिश ने किसानों के माथे पर ङ्क्षचता बढ़ा दी है। एक घंटे से अधिक चली झमाझम बारिश से सडक़ें दरिया बन गई। तेज हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश के बीच कई स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई। बूंदी, अलोद व डाबी में बारिश के साथ ओले गिरे।
बूंदी. शहर सहित जिले के कुछ हिस्सों मेें हुई बेमौसम बारिश ने किसानों के माथे पर चिंता बढ़ा दी है। एक घंटे से अधिक चली झमाझम बारिश से सडक़ें दरिया बन गई। तेज हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश के बीच कई स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई। बूंदी, अलोद व डाबी में बारिश के साथ ओले गिरे।
ओले गिरने से किसानों की धडक़नें तेज हो गईं। खेतों में खड़ी व कटकर तैयार फसलें भीग गई। किसानों का कहना है कि इस समय अधिकांश फसलें कटाई के लिए तैयार हैं, जबकि कई जगह गेहूं की फसल कटकर खेतों में ही पड़ी है। कृषि अधिकारियों का कहना है कि जिस क्षेत्र में ओलावृष्टि हुई वहां गुणवत्ता पर विपरित असर पड़ेगा साथ ही उत्पादन पर भी प्रभावित होगा। ऐसे में किसानों की फसलों में आशिक और ज्यादा नुकसान होने का खतरा किसानों को सता रहा है। शहर में दोपहर बाद अचानक मौसम बदला। तेज हवाओं के झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया। बारिश से सडक़ में पानी ही पानी हो गया। नालों से गंदगी सडक़ों पर आ गई। शहर में बारिश के साथ ओले भी गिरे। करीब एक घंटे से अधिक झमाझम बारिश से जो जहां था वहीं ठहर गया। अचानक हुई बारिश और ओलों ने किसानों की मेहनत पर पानी फेरने का खतरा पैदा कर दिया है। जिससे नुकसान का आकलन बढ़ सकता है।
डाबी. क्षेत्र में सोमवार दोपहर हुई बेमौसम बारिश में बेर के आकार के ओले गिरे। लगभग 15 मिनट तक हुई बारिश से सडक़ों पर पानी बह निकला।
नोताडा. क्षेत्र में सोमवार को तेज हवाओं के साथ बरसात हुई। क्षेत्र के खेडीया दुर्जन गांव में बरसात के साथ चने के आकार के ओले गिरे। इस समय क्षेत्र में चने व गेहूं की फसल की कटाई चल रही है। बरसात से फसल में नुकसान की सम्भावना बढ़ गई।
हिण्डोली. सोमवार को मौसम के अचानक बदले मिजाज ने किसानों की मेहनत पर एक बार फिर पानी फेर दिया। तेज बारिश और ओलावृष्टि से सथूर, बड़ोदिया तालाब गांव सहित क्षेत्र के कई गांवों में गेहूं व सब्जियों की फसल को व्यापक नुकसान हुआ है। दोपहर में आसमान पर घने काले बादल छा गए और तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान बड़ोदिया, सथूर, तालाब गांव, गोकुलपुरा व सावंतगढ़ सहित कई गांवों में ओलावृष्टि हुई। ओलों की वजह से सडक़ों पर मानो सफेद चादर बिछ गई, लेकिन यह नजारा किसानों के लिए भारी नुकसान की तस्वीर लेकर आया।कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिन खेतों में टमाटर, मिर्च सहित सब्जियों की फसल खड़ी थी, उन्हें ओलावृष्टि से भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं गेहूं की बालियां भी खेतों में गिर गई हैं, जिससे उत्पादन पर असर पडऩा तय है। जिन किसानों ने गेहूं की कटाई कर फसल खेत में तैयार रखी थी, वह भी बारिश से भीग गई। कई किसानों का भूसा भी खराब हो गया है।