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Bundi : तीस गांव के सैकड़ों किसान सरकार की योजना से दूर

तहसील के तीस गांवों के किसानों को सेटलमेंट व कैचमेंट के समय बरती गई लापरवाही का खामियाजा 25 वर्षों से उठाना पड़ रहा है।

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बूंदी

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pankaj joshi

Mar 30, 2026

Bundi : तीस गांव के सैकड़ों किसान सरकार की योजना से दूर

केशवरायपाटन. तहसील कार्यालय। पत्रिका

केशवरायपाटन. तहसील के तीस गांवों के किसानों को सेटलमेंट व कैचमेंट के समय बरती गई लापरवाही का खामियाजा 25 वर्षों से उठाना पड़ रहा है। इन गांवों के चार हजार किसानों की कृषि भूमि ऑनलाइन नहीं होने से राज्य व केंद्र सरकार से गरीब व मध्यम दर्जे के किसानों को मिलने वाले लाभ से वंचित होना पड़ रहा है।

समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के टोकने के लिए भटकना पड़ रहा है। सेटलमेंट व कैचमेंट के बाद दोनों विभागों ने अलग अलग पैमाने से नक्शे बना कर तहसील कार्यालय को सौंप दिए। तहसील ने वह दस्तावेज भी स्वीकार कर लिए, जबकि उसी समय इनमें संशोधन कर दिया जाता तो ऑनलाइन के समय यह समस्या उत्पन्न नहीं होती। दोनों विभागों ने अलग अलग प्रणाली से नक्शे बनाते समय जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया।

दोनों नक्शों में भिन्नता होने से मिलान नहीं हो पा रहा है। अब तक किसानों की जमाबंदी, जमीन के नक्शे, गिरदावरी ऑनलाइन नहीं हो पाई। यह मामला संभागीय आयुक्त कोटा, बूंदी जिला कलक्टर के पास कई बार रखा गया, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।

नहीं हो पा रहा ऋण
केशवरायपाटन तहसील के तीस गांवों के किसानों को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। तहसील के गुडली, पटोलिया, लेसरदा, बंजारों की झोपडिय़ां, बालीथा, निमोठा, अरनेठा, रडी, चडी, जयस्थल, ओहडी, जलोदा, भीण्डी, बालापुरा, बलकासा, बोरदामाल, लक्ष्मीपुरा, अडीला, हीरापुर, कोडक्या, आजन्दा, हिंगोनिया, गरजनी, अरडाना, झालीजी का बराना, नयागांव, हरिपुरा उर्फ कालीतलाई, करवाया की झोपडिय़ां, मैनोली, कोडक्या बालाजी के किसानों को ऑनलाइन जमाबंदी, गिरदावरी, कृषि भूमि के नक्शे नहीं मिलने से समर्थन मूल्य पर कृषि उपज बैचने, प्रधानमंत्री किसान स्व: निधि योजना, बैंकों से ऋण लेने में परेशानी उठानी पड़ रही है।

मुख्यमंत्री को भी भेजी शिकायत
भाजपा खटकड़ मंडल के पूर्व महामंत्री हरिमोहन चित्तौड़ा ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भिजवा कर समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद में ऑफ लाइन गिरदावरी पर खरीद करवाने के आदेश देने की मांग की है, ताकि अधिक से अधिक किसानों को लाभ मिल सके। चित्तौड़ा ने बताया कि वर्तमान में किसानों की उपज की खरीद के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य किया गया है जबकि इस वर्ष प्रदेश में गिरदावरी का कार्य डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से किया गया है। यह प्रक्रिया पूर्णत: लोकेशन आधारित होने के कारण कई स्थानों पर त्रुटिपूर्ण साबित हुई है।

तहसील में तीस गांवों को ऑनलाइन करवाने के लिए प्रयास किया जा रहा है। इनको समर्थन मूल्य पर गेहूं के टोकने की समस्या को-ऑपरेटिव की है। उसका समाधान वहीं करेंगे।
रवि शर्मा, तहसीलदार केशवरायपाटन