बूंदी

Bundi : कॉलेजों में गेस्ट फैकल्टी से बढ़ेगा उच्च शिक्षा का स्तर

प्रदेश के कॉलेजों में अब संविदा (गेस्ट फैकल्टी) के रूप में शिक्षक रखे जाएंगे। कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। ऐसे में राजकीय महाविद्यालयों में शिक्षकों की कमी से जूझ रहे विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। उच्च शिक्षा विभाग ने एक जुलाई से शुरू होने वाले सत्र को सुचारु बनाने तथा रिक्त पदों को भरने के लिए विद्या संबल योजना के तहत अपनी कवायद तेज की है।

2 min read
Jun 21, 2026
Vidya Sambal Yojana
राजकीय महाविद्यालय बूंदी

बूंदी. प्रदेश के कॉलेजों में अब संविदा (गेस्ट फैकल्टी) के रूप में शिक्षक रखे जाएंगे। कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। ऐसे में राजकीय महाविद्यालयों में शिक्षकों की कमी से जूझ रहे विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। उच्च शिक्षा विभाग ने एक जुलाई से शुरू होने वाले सत्र को सुचारु बनाने तथा रिक्त पदों को भरने के लिए विद्या संबल योजना के तहत अपनी कवायद तेज की है। इस योजना के अंतर्गत, अब जिले के सात सरकारी कॉलेजों में खाली चल रहे व्याख्याता पदों पर गेस्ट फैकल्टी के माध्यम से शिक्षण कार्य करवाया जाएगा। यह निर्णय विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए किया गया है। इन रिक्त पदों के लिए आवेदन जमा किए गए है।

राजकीय महाविद्यालय की ओर से इस संबंध में एक संयुक्त विज्ञप्ति जारी की गई थी, जिसके तहत जिले के सभी सात कॉलेजों में विभिन्न विषयों के रिक्त पदों के लिए योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे गए थे। इस पहल से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के कॉलेजों में लंबे समय से बाधित पढ़ाई को गति मिलने की उम्मीद है, जिससे हजारों विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

अब विशेषज्ञ मिलेंगे, पढ़ाई नहीं होगी बाधित

कॉलेजों में नियमित सहायक आचार्य की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित होने का खतरा बना रहता था। विशेषकर नए खुले और ग्रामीण अंचलों के कॉलेजों में स्टाफ की कमी देखी जा रही थी, जिससे सत्र की शुरूआत में ही विद्यार्थियों के सिलेबस पिछडऩे की आशंका रहती थी। नई योजना के तहत कॉलेजों को तुरंत विषय विशेषज्ञ मिल सकेंगे। इससे छात्र-छात्राओं का शैक्षणिक सत्र प्रभावित नहीं होगा और उन्हें परीक्षाओं की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल पाएगा।

मेरिट से चयन, प्रति कालांश मानदेय

गेस्ट फैकल्टी के रूप में चयनित अभ्यर्थियों को स्थायी नियुक्ति नहीं मिलेगी, बल्कि उन्हें प्रति कालांश के हिसाब से मानदेय दिया जाएगा। मानदेय का भुगतान कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय के नियमानुसार किया जाएगा। योजना के तहत आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता और अनुभव के आधार पर संबंधित कॉलेज के द्धारा पृथक-पृथक मेरिट सूची तैयार की जाएगी। इस मेरिट सूची के जरिए पूरी पारदर्शिता के साथ योग्य शिक्षकों को कॉलेजों में अध्यापन का अवसर मिलेगा। यह कदम कॉलेजों में शिक्षकों की कमी को पूरा करने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

31 पदों पर आवेदन

जिले के सात राजकीय महाविद्यालयों (राजसेस के अनतर्गत स्वीकृत) में 31 विषयों के लिए 31 गेस्ट फैकल्टी के पदों पर आवेदन मांगे गए हैं। इन पदों पर अस्थायी तौर पर पढ़ाई कराई जाएगी। इसके अन्तर्गत राजकीय महाविद्यालय बूंदी में दो पद, राजकीय कन्या महाविद्यालय बूंदी में पांच पद, राजकीय महाविद्यालय ङ्क्षहडोली में छह पद, राजकीय महाविद्यालय तालेड़ा में पांच पद, भगवान आदिनाथ जयराज मारवाड़ा राजकीय महाविद्यालय नैनवां में दो पद, राजकीय महाविद्यालय लाखेरी में छह पद एवं राजकीय महाविद्यालय डाबी (कन्या) में तीन पदों के लिए गेस्ट फैकल्टी के आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

जिले के राजकीय महाविद्यालयों में शिक्षण कार्य सुचारु रखने के लिए विद्या संबल योजना के तहत अस्थायी व्यवस्था की जा रही है। सत्र 2026-27 के लिए जिले के विभिन्न राजकीय महाविद्यालयों में रिक्त पदों पर शिक्षण कार्य के लिए आवेदन मांगे गए हैं। यह व्यवस्था कुल सात कॉलेजों में 23 विषयों के लिए की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य रिक्त पदों के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, यह सुनिश्चित करना है। इस योजना के तहत गेस्ट फैकल्टी के माध्यम से महाविद्यालयों में शिक्षकों की कमी को पूरा किया जाएगा, जिससे शिक्षण गुणवत्ता बनी रहे।
अनीता यादव, नोडल एवं प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय, बूंदी

Published on:
21 Jun 2026 12:01 pm