क्षेत्र के ग्राम पिपलगांव रैयत में खेत के कुंए में जंगली जानवर चिंकारा के गिरने से उसकी मौत हो गई। चिंकारा का शिकार करने के लिए उसके पीछे कुत्तों का झुंड लगा था। जिससे वह सुखे कुंए में पत्थरों पर गिर गया और उसकी मौत हो गई। बोदरली वन चौकी के अफसरकर्मियों ने मौके पर जाकर चिंकारा को बाहर निकाला और वन चौकी प्रांगण में उसका अंतिम संस्कार किया।
जानकारी के मुताबिक बोदरली के समीप पिपलगांव रैयत गांव के बाहर एक खेत के सुखे कुुंए में चिंकारा गिर गया। कुंए के पत्थरों पर चिंकारा का सिर टकराने से उसकी मौत हो गई। स्थानीय किसानों व मजदूरों की सूचना पर वन विभाग के चौकी प्रभारी यशवंत महाजन, वनरक्षक नंदकुमार सपकाल व उडऩदस्ता वाहन चालक बाडु पाटिल ने मौके पर जाकर कुंए में मृत अवस्था में पड़े चिंकारा को बाहर निकाला और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में चिंकारा का पंचनामा बनाया और वन चौकी ले गए। पशु चिकित्सकों ने वन चौकी पहुंचकर चिंकारा की नब्ज देखकर उसे मृत घोषित किया। इसके बाद चिंकारा का पोस्टमार्टम कर वन चौकी के पीछे प्रांगण में उसका अंतिम संस्कार किया गया।
चिंकारा का कुत्तों ने किया था पीछा-
वन चौकी प्रभारी महाजन ने बताया कि चिंकारा कि उम्र महज ढाई वर्ष है। किसानों और मजदूरों से मिली जानकारी के अनुसार चिंकारा पर कुत्तों का झुंड घात लगाए बैठा था। जैसे ही चिंकारा कुत्तों के पास आया वैसे ही कुत्तों का झुंड चिंकारा का शिकार करने के लिए उसके पीछेे दौडऩे लगा। चिंकारा भी अपनी जान बचाने के लिए भागता रहा लेकिन बीच राह में खुला कुआं आ जाने से वह सीधे कुंए में गिर पड़ा। हालांकि मजदूरों ने भी इस दौरान चिंकारा की जान बचाने की कोशिश में कुत्तों पर पत्थर बरसा कर उन्हें भगाने की कोशिश की लेकिन चिंकारा पर घात लगाए कुत्तों का झुंड चिंकारा का पीछा करता रहा और चिंकारा कुंए में गिर गया। जिससे चिंकारा की मौत हो गई।