बुरहानपुर

बुरहानपुर में जिस बेटी की हत्या में जेल पहुंचे पिता और भाई, वो जिंदा लौट आई

Emotional Crime Story- जिस बेटी की हत्या के इल्जाम में पिता और भाई जेल में कैद हैं, वो बेटी जिंदा निकली...। अचानक थाने पहुंची और बोली- मेरे पिता और भाई को आजाद कराओ... मैं जिंदा हूं...।

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Emotional Crime Story- अपने पिता और भाई को जेल से रिहा कराने पहुंची बेटी। (फोटो पत्रिका)

Burhanpur Murder Mystery- मैं जिंदा हूं, मेरे पापा और भाई को जेल से बाहर निकालो। यह अल्फाज उस बेटी के हैं, जिसे मृत मानकर उसी के सीधे-साधे गरीब पिता और भाई को उसी की हत्या में जेल भेज दिया था। पिछले माह से दोनों महाराष्ट्र की बुलढाना जेल में कैद हैं। जब बेटी को पता चला तो वो अचानक थाने पहुंच गई और पुलिस से उन्हें बाहर निकालने की अपील की।

बुरहानपुर जिले के खकनार थाने में यह केस अब री-ओपन हो गया। दरअसल, 24 अप्रैल को खड़की गांव की लड़की शिवानी पिता बापूराम लापता हो गई थी। जिसकी गुमशुदगी 1 मई को कराई गई थी। बताया जा रहा है कि गांव के ही अरुण के साथ नासिक के पास एक गांव में रहने लगी थी। दोनों वहां मजदूरी करने लगे। इसी बीच, जब शिवानी को पता चला कि खुद की हत्या के आरोप में पिता और भाई दोनों जेल में बंद है। इस पर हैरान-परेशान होकर शिवानी गांव लौटी और थाने पहुंचकर बोली- 'मैं जिंदा हूं।' पुलिस ने शिवानी की पहचान कर पंचनामा बनाया और जिंदा होने की पुष्टि कर दी। इसके बाद पुलिस शिवानी और अरुण को अपने साथ जलगांव जामोद ले गई।

महाराष्ट्र की जेल में बंद हैं पिता और भाई

शिवानी की गुमशुदा रिपोर्ट के बाद पुलिस सभी तरफ उसकी तलाश कर रही थी। इस बीच, महाराष्ट्र की सीमा से लगे जलगांव जामोद क्षेत्र में एक सिर कटी युवती की लाश मिली, वो जली हुई थी। महाराष्ट्र पुलिस का ऑनलाइन गुमशुदगी सिस्टम के आधार पर बुरहानपुर पुलिस से संपर्क हुआ। वो बुरहानपुर आई। जब खकनार पुलिस से जानकारी मिली तो अज्ञात शव को समान उम्र का मानकर उसकी पहचान शिवानी के रूप में की। आशंका व्यक्त की जा रही थी कि शिवानी की हत्या पिता बापूराव और भाई अजय ने की है। इस आशंका पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया और बुलढाणा जेल भेज दिया गया था।

ऐसे हुआ खुलासा

खकनार थाना प्रभारी अभिषेक जाधव के मुताबिक शिवानी की गुमशुदगी की रिपोर्ट 24 अप्रैल को दर्ज की गई थी। जांच में पता चला कि क्षेत्र का ही युवक अरुण भी लापता है। इसकी गुमशुदगी 9 मई को दर्ज की गई थी। दोनों के साथ रहने की जब जानकारी सामने आई तो उनकी तलाश करते हुए नासिक के गांव पहुंच गए। जहां शिवानी और अरुण को विश्वास में लिया और उनके टेन के टिकट तथा सभी खर्च के रुपए भी दिए। इसके बाद दोनों थाने पहुंच गए। यहां शिवानी के जिंदा होने की पुष्टि की गई। शिवानी ने पुलिस को बताया कि वह अपने पिता और भाई को जेल से छुड़ाना चाहती है।

महाराष्ट्र पुलिस की जांच पर सवाल

पूरा मामले में महाराष्ट्र पुलिस की गड़बड़ी सामने आ रही है, उसकी जांच पर सवाल उठ रहे है। शिवानी के जिंदा लौटने पर जांच भी सवालों के घेरे में आ गई है। जलगांव के जामोद में युवती का शव मिलने पर महाराष्ट्र पुलिसने किस आधार पर शिवानी का शव मान लिया और बगैर जांच पड़ताल किए पिता और भाई को हत्या का आरोपी बनाकर जेल भेज दिया। इन सब के बीच अब यह भी पहेली बन गई है कि जिस युवती की लाश मिली थी वह किसकी है। खकनार पुलिस का कहना है कि अब पूरे मामले की नए सिरे से जांच होगी और अज्ञात शव की पहचान के साथ पूरे घटनाक्रम की सच्चाई भी सामने लाई जाएगी।

Published on:
29 May 2026 11:14 am
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