
Government buses in mp: कई रूटों पर चलेंगी बसें (Photo Source: AI Image)
Government buses in mp: एमपी के बुरहानपुर जिले से 21 साल बाद फिर से सरकारी बसें सड़कों पर दौड़ती नजर आएंगी। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के पहले चरण में जिले से तीन रूट नीमच, रतलाम, शाजापुर प्रस्तावित किए गए है। संभावित अगस्त माह से सरकारी बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। सभी ई-बसें होने से शहर में अलग से बस टर्मिनल तैयार होगा, जहां पर बसों का चार्जिग पाइंट तैयार होने के साथ यात्रियों की बैठक, टिकट से लेकर अन्य सुविधाएं होगी। दरअसल राज्य परिवहन निगम बंद होने के बाद प्रदेश सहित जिले में निजी ट्रेवल्स की बसों का संचालन इंटर स्टेट और इंटरसिटी में हो रहा है।
यात्रियों को सुविधाएं नहीं मिलने से लेकर अधिक किराया वसूली की शिकायतें होने पर लंबे समय से राज्य सरकार की बसों का संचालन करने की मांग उठ रही थी। प्रदेश सरकार अब मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत परिवहन विभाग और निजी बस संचालक पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर बसें शुरू कर रही है। जिले के सबसे व्यर्थ रूट पर पहले चरण में नई बसों का संचालन शुरू किया जा रहा है।
पहले चरण में तीन इंटरसिटी बसें चलेगी। पहल बस 473 किलो मीटर बुरहानपुर से नीचम जाएंगी जो सनावद, इंदौर, देवास, उज्जैन, जावरा, मंदसौर से गुजरेगी। दूसरी बस 309 किलो मीटर तक बुरहानपुर से रतलाम रूट पर चलेगी। जिसमें देशगांव, बड़वाह, डॉ. अंबेडकर नगर, बदनावर से गुजरेगी। इस तरह तीसरी बस 275 किलो मीटर तक चलेगी। यह बस देशगांव, बड़वाह, इंदौर, देवास, मक्सी से गुजरेंगी।
सरकारी परिवहन की बसें होने से यात्रियों को किराया कम लेगा। समय एवं रूट निर्धारित होने से बसें तय स्थान पर ही ठहरेगी। लोकेशन डिवाइस से लगातार निगरानी होगी। यह सेवा दूरदराज के बड़े शहरों को भी बुरहानपुर से जोड़ेगी। साधारण से लेकर एसी सुपर लग्जरी तक की विभिन्न श्रेणियां शामिल है। यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। बसों की लाइव लोकेशन हर 5 से 10 सेकंड में कमांड सेंटर को मिलेगी। यात्री मोबाइल एप के माध्यम से बसों की लोकेशन, समय सारिणी और बस स्टैंड पर पहुंचने की जानकारी ले सकेंगे। इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीन से टिकट मिलेगा, जिससे किराए में पारदर्शिता रहेगी। यात्री मोबाइल ऐप व वेबसाइट के जरिए शिकायतें व सुझाव भी देंगे।
सरकारी ई बसों का संचालन शुरू होने से शहर में बसों के लिए अलग से बस टर्मिनल बनेगा। यहां पर बिजली के साथ सोलर प्लांट से भी बसों की चर्जिंग की व्यवस्था होगी। इसलिए प्रशासन द्वारा शहर के मध्य एवं सुरक्षित जगह पर बस टर्मिनल बनाने के लिए जगह की तलाश की जा रही है। इसलिए सरकार ने एआईसीटीएल और परिवहन विभाग को जिम्मेदारी दी है। स्टेटलेवल से ही बसों के संचालन के लिए रूट तय हुए है। ई बसों का संचालन शुरू होने से यात्रियों को राहत मिलेगी।
सीएम सुगम परिवहन सेवा में स्टेट लेवल से ही बसों के संचालन के लिए रूट तय हुए है। एआईसीटीएल, परिवहन विभाग नोडल है, शहर में बस टर्मिनल बनना है जिसकी कार्रवाई चल रही है. सभी ई बसें होने से चर्जिंग पाइंट बनेंगे।- संदीप श्रीवास्तव, आयुक्त ननि
Updated on:
20 Jul 2026 05:51 pm
Published on:
20 Jul 2026 05:51 pm
