8th Pay Commission: भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ ने 8वें वेतन आयोग को मेमोरेंडम सौंपकर न्यूनतम वेतन 72,000 रुपये, फिटमेंट फैक्टर 4, सालाना इंक्रीमेंट 6 फीसदी और परिवार इकाई 5 सदस्य करने की मांग की है।
8th Pay Commission: देश के करोड़ों कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग का बेसब्री से इंतजार है। इस समय अलग-अलग कर्मचारी संगठन आयोग को अपनी मांगे सौंप रहे हैं। मेमोरेंडम जमा करने की आखिरी तारीख 30 अप्रैल है। इसी कड़ी में भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ यानी BPMS ने एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है, जिसमें तनख्वाह, भत्तों और वेतन ढांचे में बड़े बदलाव की मांग की गई है।
BPMS की डिमांड है कि न्यूनतम वेतन 72,000 रुपये प्रति माह किया जाए। संगठन ने इसके पीछे ठोस आंकड़े पेश किए हैं। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय यानी MoSPI के आंकड़ों का हवाला देते हुए BPMS ने बताया कि देश की प्रति व्यक्ति शुद्ध राष्ट्रीय आय 2016-17 में 1,03,219 रुपये थी, जो 2024-25 में बढ़कर 1,92,774 रुपये हो गई। यानी करीब 86.76 फीसदी की बढ़ोतरी। संगठन का कहना है कि जब देश की आय इतनी बढ़ी है तो सरकारी कर्मचारियों की तनख्वाह उसी हिसाब से क्यों न बढ़े?
अभी का सिस्टम 18,000 रुपये की न्यूनतम तनख्वाह पर आधारित है। BPMS चाहता है कि फिटमेंट फैक्टर 3 की जगह 4 किया जाए। इस गुणक का मकसद महंगाई, DA और आय वृद्धि को समेटते हुए सभी वेतन स्तरों पर एकरूपता लाना है। सीधे शब्दों में कहें तो यही वो पेंच है जिससे तय होगा कि 7वें से 8वें वेतन आयोग में सैलरी कितनी उछलेगी।
अभी कर्मचारियों को हर साल 3 फीसदी का इंक्रीमेंट मिलता है। BPMS इसे बढ़ाकर 6 फीसदी करने की मांग कर रहा है। तर्क साफ है। DA महंगाई की काट करता है, लेकिन असली आमदनी बढ़ाने का काम इंक्रीमेंट का है। जब निजी क्षेत्र में बेहतर पैकेज मिल रहे हों तो सरकारी नौकरी का आकर्षण कम न हो इसके लिए यह जरूरी है।
संगठन ने मांग की है कि वेतन गणना में इस्तेमाल होने वाली "परिवार इकाई" को 3 सदस्यों से बढ़ाकर 5 सदस्य किया जाए। असल में भारतीय कर्मचारी न सिर्फ पत्नी-बच्चों बल्कि माता-पिता की जिम्मेदारी भी उठाता है। तीन सदस्यों की परिभाषा जमीनी हकीकत से कोसों दूर है।
सरकार ने 17 जनवरी 2025 को 8वें वेतन आयोग की घोषणा की थी। यह आयोग हर 10 साल में बनता है। यह मूल वेतन, पेंशन और भत्तों में बदलाव की सिफारिश करता है। 28 अक्टूबर 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसकी Terms of Reference को मंजूरी दी। जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई इसकी अध्यक्ष हैं। आयोग को गठन के 18 महीने के भीतर रिपोर्ट देनी होगी। मेमोरेंडम जमा करने की अंतिम तारीख 30 अप्रैल 2026 है। इसके बाद आयोग सभी सुझावों की समीक्षा करके अपनी सिफारिशें तैयार करेगा।