
Bank Unions Strike: बैंक ग्राहकों को सितंबर और अक्टूबर में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के प्रमुख संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने दो प्रमुख मांगों को लेकर हड़ताल का ऐलान किया है। पहली मांग पांच दिन का बैंकिंग सप्ताह लागू करने की है। दूसरी मांग सरकार की संशोधित परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव यानी PLI स्कीम को वापस लेने की है। इन दोनों मांगों के लिए यूनियंस तीन चरणों में हड़ताल करेंगी। पहले दो चरण सितंबर में और तीसरे चरण के दौरान अक्टूबर में देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया गया है।
UFBU ने आंदोलन का तीन चरणों का कार्यक्रम जारी किया है। पहले चरण में 11 सितंबर को देशभर में एक दिन की हड़ताल होगी, इससे बैंक तीन दिन बंद रहेंगे, क्योंकि इस दौरान शनिवार-रविवार का अवकाश भी साथ आ रहा है। इसके बाद 28, 29 और 30 सितंबर को लगातार तीन दिन बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। इससे बैंक पांच दिन के लिए बंद रहेंगे, इस दौरान भी शनिवार-रविवार का अवकाश साथ आ रहा है। यूनियनों ने कहा है कि इसके बाद भी यदि मांगों पर समाधान नहीं होगा तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।
यूनियनों की प्रमुख मांग पांच दिन का बैंकिंग सप्ताह लागू करना है। UFBU ने कहा कि 8 मार्च 2024 को हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते और 9वें जॉइंट नोट में पांच दिन बैंकिंग शुरू करने पर सहमति बनी थी। इसके बदले सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना कामकाज का समय 40 मिनट बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया था। यूनियनों के अनुसार, इस प्रस्ताव की सरकार को सिफारिश की जा चुकी है, लेकिन मंजूरी का इंतजार है।
दूसरी प्रमुख मांग सरकार की संशोधित परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव यानी PLI स्कीम को वापस लेने की है। UFBU का कहना है कि नई PLI स्कीम में बड़े अधिकारियों और बाकी बैंक कर्मचारियों के बीच प्रोत्साहन राशि में बहुत बड़ा अंतर रखा गया है। इसके चलते यह व्यवस्था भेदभावपूर्ण है। UFBU के अनुसार, Scale IV और उससे ऊपर के अधिकारियों को व्यक्तिगत परफॉर्मेंस के आधार पर अधिकतम 365 दिन के बेसिक वेतन तक PLI मिल सकता है। वहीं, वर्कमैन कर्मचारियों और Scale III तक के अधिकारियों के लिए अधिकतम 15 दिन का बेसिक वेतन और DA देने का प्रावधान बताया गया है।
हड़ताल के दौरान बैंक शाखाओं में होने वाले नियमित कामकाज पर असर पड़ सकता है। इसलिए जिन ग्राहकों को बैंक से जुड़े जरूरी काम निपटाने हैं, उनके लिए हड़ताल की घोषित तारीखों की जानकारी महत्वपूर्ण है। हालांकि, यूनियनों ने अपनी घोषणा में यह स्पष्ट किया है कि आंदोलन उनकी मांगों को लेकर किया जा रहा है।