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Health Insurance : 10 लाख रुपये का हेल्थ कवर अब पड़ सकता है कम, इंश्योरेंस लेने से पहले इन तीन बातों का जरूर रखें ध्यान

Medical Insurance: हेल्थ इंश्योरेंस में 5 से 10 लाख रुपये का कवर अब कई लोगों के लिए कम पड़ सकता है। इसको कम करने वाले तीन बड़े कारण है, जैसे कि शहर, परिवार और बढ़ती महंगाई। ऐसे में सही इंश्योरेंस लेना बेहद जरूरी है।
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Health Insurance Cover

Health insurance भविष्य की महंगाई के हिसाब से लेना चाहिए। (फोटो: AI)

Health Insurance Policy: हेल्थ इंश्योरेंस लेते समय ज्यादातर लोग सिर्फ अपनी आय को देखकर कवर तय करते हैं। लेकिन एक्सपर्ट्स के मुताबिक तीन ऐसे बड़े कारण है, जिनसे पता चलता है कि यह सही नहीं है। उनके मुताबिक उम्र, परिवार, शहर और भविष्य में इलाज की बढ़ती लागत को ध्यान में रखना ज्यादा जरूरी है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि छोटे शहरों में कम से कम 10 लाख रुपये और मेट्रो शहरों में 15 से 25 लाख रुपये का कवर रखना चाहिए। गंभीर बीमारी और महंगे अस्पतालों को देखते हुए 50 लाख या 1 करोड़ रुपये का कवर भी उपयोगी हो सकता है। खास बात यह है कि कम उम्र में ही पर्याप्त बड़ा कवर लेना बेहतर है, क्योंकि बाद में बीमारी होने पर कवर बढ़ाना मुश्किल हो सकता है।

मेडिकल महंगाई से बढ़ रही जरूरत

देश में मेडिकल महंगाई का अनुमान 12 से 14 फीसदी सालाना है। ऐसे में कोविड से पहले पर्याप्त माना जाने वाला 5 से 10 लाख रुपये का कवर अब कई मामलों में कम पड़ सकता है। बजाज जनरल इंश्योरेंस के अमरनाथ सक्सेना के मुताबिक मेट्रो शहर के हॉस्पिटल में दिल की एक सर्जरी या कैंसर के इलाज का एक साइकल 15 से 25 लाख रुपये से ज्यादा का हो सकता है। पॉलिसीबाजार के 2021-26 के आंकड़ों के मुताबिक कैंसर और दिल की बीमारियों का क्लेम कॉस्ट में 22 फीसदी हिस्सा है। कैंसर के लिए औसत क्लेम राशि 5.55 लाख रुपये थी। जबकि व्यक्तिगत इलाज का खर्च 35 से 40 लाख रुपये तक हो सकता है। वहीं, दिल की बीमारियों, हाइपरटेंशन और स्ट्रोक के इलाज के लिए यह राशि 2.08 लाख रुपये थी।

परिवार और माता-पिता के लिए अलग इंश्योरेंस

फैमिली फ्लोटर पॉलिसी में एक ही प्लान के तहत परिवार के कई सदस्यों को कवर मिलता है। यह किफायती होती है, लेकिन आपको ज्यादा बीमा राशि की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में अमरनाथ सक्सेना कम से कम तीन गुना कवर रखने की सलाह देते हैं। वहीं, बुजुर्ग माता-पिता के लिए अलग पॉलिसी रखना बेहतर है। पॉलिसीबाजार के डेटा के मुताबिक 60 साल की उम्र के बाद इलाज का खर्च 2.7 गुना बढ़ जाता है। ऐसे में सीनियर सिटीजन के लिए अलग से कवरेज की जरूरत होती है। साथ ही आंकड़ों से पता चलता है कि 25 साल से कम उम्र वालों के लिए औसत क्लेम राशि लगभग 65,000 रुपये है, जबकि 60 साल से ज्यादा उम्र वालों के लिए यह 1.77 लाख रुपये है।

उम्र के साथ बढ़ाएं कवर

रिटेल इंश्योरेंस पर फोकस करने वाली रिसर्च फर्म 'Beshak.org' के फाउंडर महावीर चोपड़ा का मानना ​​है कि 30 साल की उम्र में अगर 5 लाख रुपये पर्याप्त लगते हैं, तो भविष्य के खर्च को भी देखना चाहिए। अगर 6 से 8 फीसदी महंगाई मानें तो 50 साल की उम्र तक करीब 15 लाख रुपये के कवर की जरूरत हो सकती है। दो वयस्कों के फैमिली फ्लोटर में यह करीब 30 लाख रुपये हो सकता है। फिनवाइज सर्विसेज के पुनीत ओबेरॉय कहते हैं कि युवा उम्र में छोटा कवर लेकर बाद में बढ़ाने के बजाय शुरुआत से पर्याप्त कवर लेना बेहतर है।

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