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Bajaj Hindusthan Sugar Share 24th August: सरकार ने चीनी के स्टॉक पर लिमिट लगाई तो 12% तक उछल गए शुगर कंपनियों के शेयर, कई स्टॉक्स 52 वीक हाई पर पहुंचे

Sugar Stocks Today: चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने स्टॉक रखने की सीमा तय की है। इसके बाद सोमवार को चीनी कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी आई। बजाज हिंदुस्तान शुगर समेत कई स्टॉक 52 हफ्ते के हाई पर पहुंचे हैं।
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भारत

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Pawan Jayaswal

Aug 24, 2026

Sugar Price Today

चीनी कंपनियों के शेयरों में तेजी आई है। (PC: AI)

Sugar Share Prices: चीनी के दाम बढ़ने के बीच सरकार के सख्त कदमों का असर सोमवार को शेयर बाजार में साफ दिखाई दिया। चीनी कंपनियों के शेयरों में जोरदार खरीदारी हुई और कई स्टॉक्स अपने 52 हफ्ते के नए हाई पर पहुंच गए। बजाज हिंदुस्तान शुगर का शेयर सबसे ज्यादा चर्चा में रहा और इंट्राडे में 12 फीसदी से अधिक चढ़ गया। इसके अलावा अवध शुगर एंड एनर्जी, डालमिया भारत शुगर एंड इंडस्ट्रीज, धामपुर शुगर मिल्स, द्वारिकेश शुगर इंडस्ट्रीज, मगध शुगर एंड एनर्जी, मवाना शुगर्स, पोन्नी शुगर्स, उगर शुगर वर्क्स और उत्तम शुगर मिल्स के शेयर भी कारोबार के दौरान 52 हफ्ते के उच्च स्तर पर पहुंच गए। वहीं, श्री रेणुका शुगर्स, त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज और बलरामपुर चीनी मिल्स के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इन शेयरों में 3 से 8 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई।

सरकार ने चीनी स्टॉक रखने की सीमा घटाई

चीनी की बढ़ती कीमतों को देखते हुए केंद्र सरकार ने कारोबारियों और थोक उपभोक्ताओं के लिए स्टॉक रखने की सीमा तय कर दी है। सरकार का मकसद बाजार में चीनी की पर्याप्त सप्लाई बनाए रखना और कीमतों को काबू में रखना है। उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के मुताबिक 1 अगस्त से 30 नवंबर तक देशभर के चीनी डीलरों के लिए 400 टन की स्टॉक सीमा लागू की गई है। यानी कोई डीलर इससे ज्यादा चीनी अपने पास नहीं रख सकेगा। इसके अलावा 1 सितंबर से बड़े उपभोक्ताओं को अपनी 15 दिनों की खपत से ज्यादा चीनी स्टॉक करने की अनुमति नहीं होगी।

सरकार बोली, देश में चीनी की कमी नहीं

सरकार ने साफ किया है कि उत्पादन अनुमान से कम रहने के बावजूद घरेलू जरूरत पूरी करने के लिए देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। मंत्रालय ने कहा कि वह चीनी की कीमतों और बाजार की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। सरकार का कहना है कि स्टॉक सीमा लागू करने का मकसद बाजार में उपलब्धता बनाए रखना है, ताकि त्योहारी सीजन के दौरान मांग बढ़ने पर भी आम लोगों को महंगी चीनी की मार न झेलनी पड़े।

एक दिन पहले चीनी शेयरों में आई थी गिरावट

चीनी कंपनियों के शेयरों में सोमवार की तेजी से पहले शुक्रवार को भारी बिकवाली देखने को मिली थी। सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के ड्यूटी फ्री आयात की अनुमति दी थी। इसके बाद बाजार में घरेलू सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी और चीनी कंपनियों के शेयरों में 5 फीसदी तक की गिरावट आई थी। अब सरकार की ओर से स्टॉक लिमिट तय किए जाने के बाद निवेशकों का नजरिया कुछ बदला है।

(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)

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