Comfortable Retirement in India: HSBC ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि भारत में रिटायरमेंट के लिए 3.5 करोड़ रुपए की जरूरत होगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में अभी भी सोने में लोग बढ़ चढ़कर निवेश कर रहे हैं। यदि निवेश की शुरुआत जल्द से जल्द की जाए तो सेवानिवृत्ति की चिंता कम रहती है।
Comfortable Retirement in India: संपन्न भारतीयों को आरामदायक व सुरक्षित सेवानिवृत्ति सुनिश्चित करने के लिए करीब 3.5 करोड़ रुपए (401,000 अमरीकी डॉलर) की बचत करनी होगी। यह दावा एचएसबीसी (HSBC) ने अपनी रिपोर्ट में किया है। अफ्लुएंट इन्वेस्टर्स स्नैपशॉट रिपोर्ट में भारतीयों की बढ़ती जीवन-यापन लागत, मुद्रास्फीति और जीवन प्रत्याशा के बारे में बढ़ती जागरूकता का हवाला देकर बताया गया है कि, ये ऐसे कारक हैं जो देश में सेवानिवृत्ति योजना को नए सिरे से परिभाषित कर रहे हैं। बहुत से लोग अब भी यात्रा, शिक्षा या संपत्ति खरीदने जैसे अल्पकालिक लक्ष्यों को प्राथमिकता देते हैं।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि प्रबंधित निवेश, शेयर और सोना सबसे लोकप्रिय वित्तीय उत्पाद हैं और निवेशक वैकल्पिक और प्रबंधित निवेशों पर भी विचार कर रहे हैं। एचएसबीसी का मानना है कि 2025 में औसत परिसंपत्ति आवंटन की बात करें तो पिछले 12 महीनों में सोने में आवंटन में सबसे अधिक वृद्धि देखी गई।
HSBC की रिपोर्ट के अनुसार, बीते एक साल में निवेशकों का नकद आवंटन घटकर 15 फीसदी रह गया है। अगले 12 महीनों के लिए इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई। HSBC का विश्लेषण बचत की जल्द से जल्द शुरुआत करने के महत्व पर भी जोर देता है। रिपोर्ट के अनुसार, जिन निवेशकों ने अपने करियर की शुरुआत में सेवानिवृत्ति योजना शुरू की, वे अपने लक्ष्यों को पूरा करने को लेकर अधिक आश्वस्त पाए जाते हैं, जबकि देरी से बचत शुरू करने वालों ने सेवानिवृत्ति के बाद की जीवनशैली से समझौता करने के बारे में चिंता व्यक्त की।
रिपोर्ट में बताया गया है कि सिंगापुर में एक आरामदायक और सुरक्षित सेवानिवृत्ति के लिए आवश्यक औसत बचत 1.39 मिलियन डॉलर है। हांगकांग में यह 1.1 मिलियन डॉलर है। जोकि जीवनयापन की बढ़ी हुई लागत का प्रमाण है। रिपोर्ट के अनुसार, आरामदायक और सुरक्षित सेवानिवृत्ति के लिए अमेरिका में औसत बचत 1.57 मिलियन डॉलर और चीन में 1.09 मिलियन डॉलर की आवश्यकता है।