
ESDS Software Solution के शेयरों में तेजी थमने का नाम नहीं ले रही है। शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद लगातार दूसरे कारोबारी दिन कंपनी का स्टॉक 20% के अपर सर्किट में चला गया। महज दो कारोबारी सत्रों में ही IPO में शेयर पाने वाले निवेशकों की रकम करीब ढाई गुना हो चुकी है। ऐसे में अब बड़ा सवाल यह है कि यहां से शेयर में तेजी का पीछा करना सही होगा या मुनाफा वसूल लेना चाहिए।
सोमवार, 7 सितंबर को एनएसई पर ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सोल्यूशंस का शेयर 20% के अपर सर्किट के साथ 1,090.05 रुपये पर पहुंच गया। इससे पहले शुक्रवार, 4 सितंबर को कंपनी के शेयर ने शानदार लिस्टिंग के साथ बाजार में एंट्री की थी।
ईएसडीएस सॉफ्टेवेयर सॉल्यूशंस का आईपीओ इश्यू प्राइस 429 रुपये प्रति शेयर था। एनएसई पर शेयर 757 रुपये के भाव पर लिस्ट हुआ। यानी निवेशकों को पहली ही दिन करीब 76.46% का लिस्टिंग गेन मिला। बीएसई पर भी शेयर की शुरुआत 746.30 रुपये से हुई, जो आईपीओ कीमत से करीब 73.96% ज्यादा थी। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। लिस्टिंग के बाद शेयर में फिर जोरदार खरीदारी हुई और सोमवार को यह 1,090.05 रुपये तक पहुंच गया। यानी आईपीओ के 429 रुपये के भाव से शेयर करीब 155% ऊपर है।
सरल भाषा में समझें तो आईपीओ में 1 लाख रुपये लगाने वाले निवेशक की रकम दो कारोबारी दिनों में करीब 2.54 लाख रुपये तक पहुंच गई है, बशर्ते उसने शेयर बेचने के बजाय होल्ड किए हों।
ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सोल्यूशंस के शेयरों में शुक्रवार को भी जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी। लिस्टिंग वाले दिन शेयर आईपीओ प्राइस से करीब 112% ऊपर चला गया था। इसके बाद सोमवार को भी इसमें 20% की तेजी दर्ज हुई। इतनी तेज बढ़त के बाद अब निवेशकों के सामने असली चुनौती मुनाफा बचाने की है। सवाल यह नहीं रह गया है कि शेयर ने कितना रिटर्न दिया, बल्कि सवाल यह है कि क्या मौजूदा भाव पर इसे खरीदना चाहिए?
स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड की हेड ऑफ वेल्थ शिवानी न्याति के मुताबिक, ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सोल्यूशंस की लिस्टिंग उम्मीद से भी बेहतर रही। ब्रोकरेज ने कंपनी के आईपीओ को पहले 'सब्सक्राइब' की रेटिंग दी थी, लेकिन शेयर ने लिस्टिंग पर उस अनुमान को भी पीछे छोड़ दिया। न्याति के मुताबिक कंपनी के पक्ष में कुछ मजबूत बातें हैं। कंपनी के मार्जिन में अच्छी बढ़ोतरी हुई है और टैक्स के बाद मुनाफे यानी PAT में करीब 9 गुना वृद्धि हुई है। इसके अलावा कंपनी के ग्राहकों के लंबे समय तक जुड़े रहने की क्षमता भी सकारात्मक संकेत देती है।
भारत में क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा सेंटर, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल सेवाओं की डिमांड लगातार बढ़ रही है। ऐसे में लंबी अवधि में ESDS के कारोबार के लिए मौके अच्छे नजर आते हैं। हालांकि, शेयर में जिस रफ्तार से तेजी आई है, उसने शॉर्ट टर्म में जोखिम भी बढ़ा दिया है।
शिवानी न्याति का कहना है कि जिस तेजी से शेयर चढ़ा है, उसे देखते हुए आने वाले समय में कुछ निवेशक मुनाफा वसूल सकते हैं। यानी शेयर में प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिल सकती है। आईपीओ में शेयर पाने वाले निवेशक मौजूदा स्तर पर कुछ हिस्से में मुनाफा बुक करने पर विचार कर सकते हैं। बाकी शेयरों के लिए करीब 650 रुपये से 680 रुपये का स्टॉप लॉस रखा जा सकता है। वहीं, जिन्हें आईपीओ में शेयर नहीं मिला, उनके लिए मौजूदा स्तर पर तेजी का पीछा करना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे निवेशकों को शेयर में गिरावट का इंतजार करना बेहतर माना जा रहा है। न्याति के मुताबिक 600 रुपये से 650 रुपये के आसपास किसी पुलबैक के बाद नई एंट्री पर विचार किया जा सकता है।
ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सोल्यूशन के शेयरों में आई इस तूफानी तेजी की एक वजह आईपीओ को मिला शानदार रिस्पॉन्स भी है। IPO के आखिरी दिन तक इश्यू 135.88 गुना सब्सक्राइब हुआ था। सबसे ज्यादा दिलचस्पी संस्थागत निवेशकों ने दिखाई। QIB का हिस्सा 274.97 गुना सब्सक्राइब हुआ था। NII का हिस्सा 202.87 गुना सब्सक्राइब हुआ। वहीं, रिटेल इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 41.68 गुना भरा था।
ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सोल्यूशन की शुरुआत साल 2005 में हुई थी। कंपनी क्लाउड कंप्यूटिंग, मैनेज्ड सर्विसेज, डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस के कारोबार में है। कंपनी भारत की उन चुनिंदा कंपनियों में शामिल है जो GPU-as-a-Service यानी GPUaaS, क्लाउड, मैनेज्ड सर्विसेज, डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस की पूरी सर्विस उपलब्ध कराती हैं।
कंपनी ने भारत में क्लाउड सर्विसेज के शुरुआती दौर में ही काम शुरू कर दिया था। इसका ग्राहक आधार भी कई अलग-अलग सेक्टर में फैला हुआ है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी के पास 2,500 से ज्यादा ग्राहक थे। इनमें बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस यानी BFSI, सरकारी संस्थान, कारोबार और बड़े एंटरप्राइज शामिल हैं।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)