
3 साल तक योगदान न होने पर हर पीएफ खाता निष्क्रीय नहीं होता। (PC: AI)
EPF Account Rules: अगर आपके EPF अकाउंट में लंबे समय से कोई पैसा जमा नहीं हुआ है, तो सिर्फ इस वजह से यह मान लेना गलत होगा कि आपका PF खाता बंद हो गया है। तीन साल तक योगदान नहीं होने पर भी हर ईपीएफ अकाउंट अपने आप निष्क्रिय नहीं हो जाता। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO ने अब इसको लेकर स्थिति स्पष्ट की है। संगठन ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर एक पोस्ट के साथ वीडियो भी शेयर किया। इसमें बताया गया कि किन परिस्थितियों में EPF खाता इनऑपरेटिव माना जाता है और कब उस पर ब्याज मिलना बंद हो सकता है।
EPFO के मुताबिक, खाते के इनऑपरेटिव होने का नियम इस बात पर भी निर्भर करता है कि कर्मचारी ने नौकरी कब छोड़ी और उसकी उम्र कितनी है। अगर कोई सदस्य 55 साल या उससे ज्यादा की उम्र में रिटायर होता है, तो आखिरी योगदान के 36 महीने बाद उसका EPF खाता इनऑपरेटिव हो सकता है। वहीं, अगर कोई व्यक्ति 55 साल की उम्र से पहले नौकरी छोड़ देता है तो उसके मामले में नियम अलग है। ऐसे व्यक्ति के EPF खाते पर ब्याज उसके 58 साल की उम्र तक मिलता रहेगा। इसके बाद खाता इनऑपरेटिव माना जा सकता है। यानी उम्र का हिसाब यहां काफी अहम है।
ईपीएफओ के अनुसार, अगर कोई कर्मचारी 58 साल की उम्र में रिटायर होता है तो उसके EPF खाते पर ब्याज 61 साल की उम्र तक जारी रह सकता है। इसी तरह अगर कोई व्यक्ति 70 साल की उम्र में रिटायर होता है, तो खाते पर ब्याज 73 साल की उम्र तक मिल सकता है। इसलिए केवल यह देखना कि खाते में तीन साल से कोई नया योगदान नहीं आया है, काफी नहीं है। खाते की स्थिति तय करने में सदस्य की उम्र और रिटायरमेंट की स्थिति भी मायने रखती है।
अगर कोई ईपीएफ सदस्य स्थायी रूप से विदेश में बस जाता है और आखिरी योगदान के बाद 36 महीने पूरे हो जाते हैं, तो ऐसी स्थिति में भी खाता इनऑपरेटिव हो सकता है। इसके अलावा सदस्य की मृत्यु के मामले में भी खास नियम हैं। अगर परिवार 36 महीने के भीतर PF खाते से जुड़ा क्लेम नहीं करता है, तो खाता इनऑपरेटिव हो सकता है।
सबसे जरूरी बात यह है कि EPF खाता इनऑपरेटिव होने का मतलब यह नहीं है कि आपका पैसा खत्म हो गया या सरकार ने उसे जब्त कर लिया। अगर आपका PF खाता इनऑपरेटिव हो गया है, तब भी तय प्रक्रिया के तहत रकम निकाली जा सकती है। पीएफ का पैसा निकालने के लिए सदस्य ऑनलाइन Form 19 का इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर मूल सदस्य की मृत्यु हो गई है, तो पात्र परिवार के सदस्य निर्धारित प्रक्रिया के तहत डेथ क्लेम कर सकते हैं। वहीं, पुराने EPF खाते में जमा रकम को दूसरे EPF खाते में ट्रांसफर करना है तो Form 13 का इस्तेमाल किया जा सकता है।
ईपीएफओ की सेवाओं का इस्तेमाल करने के लिए सदस्य UMANG ऐप की मदद भी ले सकते हैं। इसके जरिए ईपीएफ पासबुक देखी जा सकती है, UAN को एक्टिवेट किया जा सकता है और ईपीएफओ से जुड़ी कई दूसरी सेवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है।
ईपीएफओ के इस अपडेट की सबसे अहम बात यही है कि तीन साल तक ईपीएफ में योगदान नहीं होने से हर खाता अपने आप इनऑपरेटिव नहीं हो जाता। खाते की स्थिति तय करने के लिए रिटायरमेंट की उम्र, नौकरी छोड़ने का समय, विदेश में स्थायी रूप से बसने जैसी परिस्थितियों को भी देखा जाता है। इसलिए अगर आपका पुराना पीएफ खाता पड़ा है और उसमें लंबे समय से कोई योगदान नहीं हुआ है तो घबराने की जरूरत नहीं है। पहले खाते की स्थिति जांचें और जरूरत के मुताबिक पैसा निकालने या ट्रांसफर करने की प्रक्रिया पूरी करें। समय रहते कदम उठाने से आपकी रिटायरमेंट की बचत को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
Updated on:
05 Sept 2026 04:46 pm
Published on:
05 Sept 2026 04:45 pm
