ETF Investment: ईटीएफ में निवेश करने से निवेशकों को कम खर्च में विविधता प्राप्त होती है, क्योंकि यह विभिन्न एसेट्स में निवेश करता है। यह जोखिम को कम करने में मदद करता है
ETF Investment: ईटीएफ (एसचेंज ट्रेडेड फंड) एक ओपन-एंडेड फंड होता है। यह कई तरह की संपत्तियों जैसे कि शेयर, बॉन्ड या कमोडिटीज में निवेश करता है और स्टॉक एसचेंज पर शेयरों की तरह कारोबार करता है। एक फंड हाउस अलग-अलग संपत्तियों को मिलाकर एक फंड बनाता है और फिर उस फंड की यूनिट्स को स्टॉक एसचेंज पर सूचीबद्ध (लिस्ट) कराता है।
ईटीएफ किसी खास इंडेस जैसे कि निफ्टी 50, सेंसेस, या नेस्डैक को फॉलो करता है। उसमें शामिल कंपनियों के स्टॉस उसी अनुपात में ईटीएफ में भी शामिल किए जाते हैं। जब इंडेस ऊपर जाता है, तो ईटीएफ का मूल्य भी बढ़ता है और जब नीचे आता है, तो ईटीएफ की वैल्यू भी घटती है।
ईटीएफ में निवेश करने से निवेशकों को कम खर्च में विविधता प्राप्त होती है, क्योंकि यह विभिन्न एसेट्स में निवेश करता है। यह जोखिम को कम करने में मदद करता है। स्टॉक एसचेंज पर ट्रेड होने के कारण, निवेशक बाजार के खुले घंटों के दौरान कभी भी इसे खरीद या बेच सकते हैं।
ईटीएफ चुनते समय यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसका ट्रैकिंग एरर कम हो। कम ट्रैकिंग एरर का मतलब, ईटीएफ अपने बेंचमार्क को सही तरीके से फॉलो कर रहा है जो एक अच्छे फंड का संकेत है। अगर ईटीएफ का ट्रेडिंग वॉल्यूम कम होगा, तो हो सकता है कि आपको अपने यूनिट्स बेचने पर सही कीमत न मिले। इसलिए कम एसपेंस रेश्यो वाला ईटीएफ चुनना फायदे का सौदा है। ऐसी एएमसी चुनें जो जानी-मानी हो, जिसका ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा हो और जो लंबे समय से बाजार में हो। इसे चुनते समय सिर्फ रिटर्न को नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता, स्थिरता, लागत, लिक्विडिटी और रिस्क को भी ध्यान में रखें।
ईटीएफ में निवेश करने से एक साथ कई कंपनियों या एसेट्स में निवेश करने का मौका मिलता है और वो भी बहुत कम खर्च पर। इसमें कम प्रबंधन शुल्क होता है जिससे अधिक रिटर्न मिलने की संभावना होती है। यह विविध एसेट्स में निवेश करके जोखिम को कम करता है। यह नए निवेशकों के लिए उपयोगी होता है। इसे स्टॉक की तरह कभी भी खरीद-बेच सकते हैं।
इंडेस ईटीएफ जो किसी इंडेस को फॉलो करते हैं जैसे निफ्टी 50 या सेंसेस ईटीएफ। इनमें निवेशकों को बाजार के समग्र प्रदर्शन का लाभ मिलता है।
गोल्ड ईटीएफ
सोने की कीमतों को ट्रैक करते हैं। इनमें बिना भौतिक सोना खरीदे निवेश कर सकते हैं।
सेटोरल ईटीएफ
विशेष उद्योग क्षेत्रों जैसे बैंकिंग, आइटी या एफएमसीजी सेटर को ट्रैक करते हैं।
बॉन्ड या डेट ईटीएफ
सरकारी या कॉर्पोरेट बॉन्ड्स में निवेश करते हैं, जिससे स्थिर आय होती है।
इंटरनेशनल ईटीएफ
विदेशी बाजारों के इंडेस को ट्रैक करते हैं, जैसे कि एस एंड पी 500 या नैस्डैक।