कारोबार

Gold Limit in India: घर में कितना सोना रख सकते हैं, 500, 250 और 100 ग्राम की लिमिट का क्या है सच?

Gold Jewellery Limit: घर में तय सीमा से ज्यादा सोने के गहने रखना अपने आप में गैरकानूनी नहीं है। इनकम टैक्स कानून में सोना रखने की कोई तय अधिकतम सीमा नहीं है। हालांकि, जांच के दौरान रिकॉर्ड दिखाना जरूरी हो जाता है।
3 min read
Sep 02, 2026
Gold Jewellery Limit
घर में सोना रखने की लिमिट को लेकर अक्सर कन्फ्यूजन बना रहता है। (PC: AI)

Gold Tax Rules: अगर आपके घर में 500 ग्राम से ज्यादा सोने के गहने हैं, तो सिर्फ इस वजह से घबराने की जरूरत नहीं है। बहुत से लोगों को लगता है कि इनकम टैक्स के नियमों के मुताबिक घर में तय मात्रा से ज्यादा सोना रखना गैरकानूनी है। लेकिन असल मामला कुछ और है। इनकम टैक्स कानून में किसी व्यक्ति के लिए सोना रखने की कोई तय अधिकतम सीमा नहीं है। यानी ऐसा कोई नियम नहीं है कि एक व्यक्ति सिर्फ एक निश्चित मात्रा तक ही सोना अपने पास रख सकता है। असली सवाल यह होता है कि आपके पास मौजूद सोना आया कहां से और क्या आप उसका स्रोत साबित कर सकते हैं।

500 ग्राम, 250 ग्राम और 100 ग्राम का नियम क्या है?

सोने को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा 500 ग्राम, 250 ग्राम और 100 ग्राम की सीमा की होती है। यह माना जाता है कि शादीशुदा महिला के पास 500 ग्राम, अविवाहित महिला के पास 250 ग्राम और परिवार के पुरुष सदस्य के पास 100 ग्राम तक के गहने इनकम टैक्स सर्च के दौरान आम तौर पर जब्त नहीं किए जाते।

लेकिन यहां एक बात समझना बेहद जरूरी है। ये आंकड़े सोना रखने की कानूनी सीमा नहीं हैं। यानी इसका मतलब यह नहीं है कि शादीशुदा महिला 500 ग्राम से ज्यादा सोना नहीं रख सकती या पुरुष 100 ग्राम से ज्यादा सोना नहीं रख सकता।

नव्राज ग्लोबल एडवाइजर्स के टैक्स और निवेश एक्सपर्ट निशांत शंकर के मुताबिक, इनकम टैक्स कानून में किसी व्यक्ति के पास रखे जा सकने वाले सोने की कोई तय सीमा नहीं है। 500 ग्राम, 250 ग्राम और 100 ग्राम की मात्रा CBDT के निर्देशों में बताई गई है और इनका संबंध मुख्य रूप से इनकम टैक्स सर्च के दौरान गहनों की जब्ती से है।

ज्यादा सोना है तो सबसे जरूरी है उसका सबूत

मान लीजिए किसी व्यक्ति के पास 700 ग्राम या 1 किलो सोने के गहने हैं। सिर्फ मात्रा ज्यादा होने के कारण इसे सीधे गैरकानूनी नहीं माना जाएगा। लेकिन अगर इनकम टैक्स विभाग जांच करता है, तो अधिकारी यह जरूर पूछ सकते हैं कि इतना सोना खरीदा कैसे गया। यहीं पर दस्तावेज काम आते हैं। सोना खरीदते समय मिली रसीद, बिल, विरासत से मिले सोने से जुड़े दस्तावेज, उपहार का रिकॉर्ड या दूसरे ऐसे कागजात संभालकर रखना चाहिए, जिनसे सोने के मालिकाना हक और उसके स्रोत का पता चलता हो।

एसके पाटोदिया एंड एसोसिएट्स एलएलपी के डायरेक्ट टैक्स विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर मिहिर तन्ना के अनुसार, अगर सोने की खरीद का स्रोत आय, बचत या विरासत आदि से स्पष्ट किया जा सकता है तो ज्यादा मात्रा में सोना रखना अपने आप में समस्या नहीं है।

दूसरी तरफ, ऐसा सोना जिसका स्रोत समझाना मुश्किल हो, वह टैक्स से जुड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है। जांच के दौरान इसे अघोषित आय मानकर टैक्स संबंधी कार्रवाई की जा सकती है और परिस्थितियों के अनुसार सोना जब्त भी किया जा सकता है।

सोना घर में रखें या बैंक लॉकर में, नियम नहीं बदलता

एक और सवाल अक्सर पूछा जाता है कि सोना घर में रखना सुरक्षित है या बैंक लॉकर में। टैक्स के नजरिए से सिर्फ जगह बदलने से सोने की स्थिति नहीं बदलती। आप सोने के गहने घर में रखें या बैंक लॉकर में, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जरूरत पड़ने पर आप बता सकें कि वह सोना कहां से आया है और उसका मालिकाना हक किसका है। इसलिए सोने की मात्रा से ज्यादा जरूरी उसके स्रोत का रिकॉर्ड है। अगर गहने परिवार में पीढ़ियों से चले आ रहे हैं, विरासत में मिले हैं, शादी में मिले हैं या खरीदे गए हैं, तो उपलब्ध रिकॉर्ड और दस्तावेजों को संभालकर रखना समझदारी है।

Updated on:
02 Sept 2026 05:14 pm
Published on:
02 Sept 2026 05:14 pm