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Gold Price Outlook: क्या जल्द घटने वाले हैं सोने के भाव? कीमतों के लिए खास रहने वाला है अगला हफ्ता, एक्सपर्ट से समझिए

Gold Price Today: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच कच्चा तेल 104 डॉलर के पार पहुंचने से महंगाई की चिंता बढ़ी है। इससे अमेरिकी फेड की ब्याज दर बढ़ाने की संभावना और बॉन्ड यील्ड में तेजी ने अंतरराष्ट्रीय सोने पर दबाव डाला है।
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Sep 12, 2026
Gold Price Outlook
अगले हफ्ते यूएस फेड की बैठक होने वाली है। (PC: AI)

Gold Rate Today: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों को फिर हवा दे दी है। कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। इससे महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। दूसरी तरफ अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में तेजी ने भी सोने की चमक फीकी कर दी है। बाजार की नजर अब अगले सप्ताह होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक पर है। 15 और 16 सितंबर 2026 को होने वाली इस बैठक में ब्याज दर को लेकर फैसला होना है। महंगाई के बढ़ते दबाव के बीच बाजार में फेड की ओर से ब्याज दर बढ़ाने की चर्चा तेज हो गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स गोल्ड इस सप्ताह करीब 1.50% गिरकर 4,408.90 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ।

एनरिच मनी के सीईओ Ponmudi R के मुताबिक, तेल की कीमतों में दोबारा आई तेजी ने महंगाई की आशंका बढ़ा दी है। इससे बाजार में अगले सप्ताह फेड की बैठक में ब्याज दर बढ़ने की संभावना को लेकर चिंता बढ़ी है। इसका सीधा असर सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं पर पड़ा है।

कच्चा तेल 104 डॉलर के पार, एक महीने में करीब 16% चढ़ा

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के साथ कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं। WTI Crude Oil 104 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। पिछले पांच कारोबारी सत्रों में इसमें करीब 9.6% की तेजी आई है, जबकि पिछले एक महीने में यह लगभग 16% चढ़ चुका है। Ponmudi R के मुताबिक, एनर्जी की बढ़ती कीमतें अब महंगाई के लिए बड़ी चिंता बनती जा रही हैं। अमेरिका में डीजल की कीमत भी पहली बार 6 डॉलर प्रति गैलन के ऊपर पहुंच गई है। कच्चे तेल की यह तेजी अब भू-राजनीतिक तनाव से निकलकर महंगाई और अमेरिकी फेड की मौद्रिक नीति तक असर डाल रही है। यही वजह है कि निवेशक सोने को लेकर फिलहाल सतर्क नजर आ रहे हैं।

महंगाई बढ़ी तो Fed की ब्याज दर बढ़ाने की चर्चा तेज

सेबी रजिस्टर्ड मार्केट एक्सपर्ट अनुज गुप्ता ने कहा कि अमेरिका और ईरान के तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से महंगाई का डर फिर लौट आया है। ऐसे में बाजार की नजर सितंबर की फेड बैठक पर टिक गई है। महंगाई के आंकड़ों के बाद CME FedWatch Tool पर फेड की ओर से ब्याज दर बढ़ाने की संभावना करीब 90% तक पहुंच गई।

गुरुवार को जारी अमेरिकी प्रोड्यूसर प्राइस डेटा ने भी बाजार की चिंता बढ़ाई। सालाना प्रोड्यूसर महंगाई बढ़कर 5.4% हो गई, जबकि बाजार का अनुमान 5.3% का था। एनर्जी की बढ़ती कीमतों का इसमें बड़ा योगदान माना जा रहा है। इस आंकड़े के बाद सोने में तेज गिरावट आई और इसकी कीमत एक सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गई। उस समय सितंबर की फेड बैठक में दर बढ़ने की संभावना 70% से ऊपर चली गई थी।

अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में भी तेजी

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी ने भी सोने पर दबाव बढ़ाया है। 10 साल की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड इंट्राडे में 4.975% तक पहुंच गई। यह अक्टूबर 2023 के बाद इसका सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं, 2 साल की ट्रेजरी यील्ड भी करीब 4.65% के दो साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई। आमतौर पर बॉन्ड यील्ड और ब्याज दरों में तेजी सोने के लिए चुनौती बनती है, क्योंकि सोने से नियमित ब्याज नहीं मिलता। ऐसे माहौल में निवेशकों का रुझान ब्याज देने वाले एसेट्स की तरफ बढ़ सकता है।

फेस्टिव सीजन दे सकता है सोने को सपोर्ट

सोने में हाल की गिरावट के बावजूद बाजार के कुछ जानकार आगे डिमांड बढ़ने की उम्मीद कर रहे हैं। Aspect Bullion & Refinery के CEO दर्शन देसाई का मानना है कि मौजूदा गिरावट बाजार के सामान्य उतार-चढ़ाव का हिस्सा हो सकती है। त्योहार और शादी का सीजन करीब आने के साथ भारत में सोने की फिजिकल डिमांड धीरे-धीरे बढ़ने की उम्मीद है। हाल में कीमतों में आई नरमी से रिटेल खरीदारों और ज्वेलरी खरीदने वालों की दिलचस्पी भी बढ़ सकती है। यानी आने वाले हफ्तों में एक तरफ अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्याज दर और डॉलर की चाल सोने पर दबाव बनाए रख सकती है, वहीं दूसरी तरफ घरेलू मांग सोने को सपोर्ट दे सकती है।

कहां हैं सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल्स?

Ponmudi R के मुताबिक, कॉमेक्स गोल्ड का वीकली RSI करीब 50 पर है, जबकि डेली RSI गिरकर 47.65 पर आ गया है। इससे शॉर्ट टर्म में तेजी की रफ्तार कमजोर पड़ने का संकेत मिल रहा है। उनके अनुसार, कॉमेक्स गोल्ड पर रेजिस्टेंस 4,500 से 4,530 डॉलर और 4,600 से 4,630 डॉलर पर है। अगर सोना लगातार 4,600 डॉलर के ऊपर बंद होता है, तो तेजी का बड़ा ट्रेंड फिर मजबूत हो सकता है। वहीं, सपोर्ट लेवल 4,340 से 4,370 डॉलर और 4,200 से 4,230 डॉलर के करीब है। अगर भाव 4,200 डॉलर के नीचे जाता है, तो गिरावट और गहरी हो सकती है। फिलहाल 4,500 डॉलर के स्तर को दोबारा हासिल करना सोने के लिए अहम माना जा रहा है।

MCX Gold में 1.50 लाख रुपये पर है अहम सपोर्ट

एमसीएक्स गोल्ड पर इस हफ्ते 5 अक्टूबर की डिलीवली वाला सोना 1,52,655 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ है। घरेलू बाजार में एमसीएक्स गोल्ड का वीकली RSI 53.93 और डेली RSI 48.26 है। यानी शॉर्ट टर्म में तेजी की ताकत कुछ कमजोर हुई है, लेकिन बड़े ट्रेंड को अभी पूरी तरह नुकसान नहीं पहुंचा है। सेबी रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार डॉ रवि सिंह के अनुसार एमसीएक्स गोल्ड पर रेजिस्टेंस 1,54,000 से 1,54,700 रुपये और 1,56,300 से 1,57,000 रुपये पर है। अगर सोना लगातार 1,57,000 रुपये के ऊपर बंद होता है, तो रिकवरी तेज हो सकती है। वहीं, सपोर्ट 1,50,000 रुपये से 1,50,700 रुपये और 1,47,300 रुपये से 1,48,000 रुपये पर है। अगर भाव 1,48,000 रुपये के नीचे फिसलता है तो गिरावट बढ़ सकती है। फिलहाल 1,52,000 के ऊपर टिके रहना सोने के लिए अहम माना जा रहा है।

(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)

Updated on:
12 Sept 2026 03:07 pm
Published on:
12 Sept 2026 03:07 pm