
Post Office MIS में 7.4% सालाना ब्याज दर मिल रही है। (PC: AI)
Investment Tips: अगर आपके पास 20 लाख रुपये की एकमुश्त रकम है और आप चाहते हैं कि इस पैसे से हर महीने या नियमित अंतराल पर आमदनी होती रहे, तो बैंक FD के अलावा भी कुछ विकल्प मौजूद हैं। सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) और पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (MIS) ऐसे ही लोकप्रिय विकल्प हैं। लेकिन तीनों में ब्याज दर, पैसे निकालने के नियम और ब्याज मिलने का तरीका अलग है। ऐसे में सिर्फ ब्याज दर देखकर फैसला करना सही नहीं होगा। आइए देखते हैं 20 लाख रुपये लगाने पर सालाना और महीने के हिसाब से कितना रिटर्न मिल सकता है।
सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम यानी SCSS खास तौर पर सीनियर सिटीजंस के लिए बनाई गई है। इसमें इस समय 8.2% सालाना ब्याज दर मिल रही है। इस स्कीम में 20 लाख के निवेश पर रिटर्न की गणना करें, तो 1,64,000 रुपये सालाना ब्याज मिलेगा। महीने के हिसाब से देखें तो यह रकम करीब 13,667 रुपये प्रति माह के बराबर बैठती है। हालांकि, यहां एक जरूरी बात समझना जरूरी है। SCSS में ब्याज हर महीने नहीं मिलता, बल्कि हर तिमाही खाते में दिया जाता है। 20 लाख रुपये पर एक तिमाही का ब्याज करीब 41,000 रुपये होगा।
इस स्कीम में पात्रता और निवेश की अधिकतम सीमा जैसे नियम भी लागू होते हैं। इसलिए निवेश से पहले मौजूदा नियमों की जांच करना जरूरी है।
अगर आपका मकसद हर महीने ब्याज के रूप में पैसा पाना है, तो पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम यानी MIS पर नजर डाल सकते हैं। यहां इस समय 7.4% सालाना ब्याज दर मिल रही है। इस स्कीम में 20 लाख रुपये निवेश करने पर एक साल में 1,48,000 रुपये ब्याज मिलेगा। यानी करीब 12,333 रुपये प्रति माह की ब्याज आय होगी। MIS की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें ब्याज मासिक आधार पर मिलता है। यानी हर महीने ब्याज आय चाहने वालों के लिए यह विकल्प आकर्षक हो सकता है। लेकिन यहां भी पेंच है। एमआईएस में एक खाते में 20 लाख रुपये जमा नहीं किए जा सकते, क्योंकि इस योजना में निवेश की तय सीमा होती है। इसलिए सिंगल और जॉइंट अकाउंट की लिमिट तथा पात्रता को ध्यान में रखना होगा।
बैंक एफडी को आज भी सुरक्षित और आसान निवेश विकल्पों में गिना जाता है। लेकिन यहां ब्याज दर हर बैंक और एफडी की अवधि के हिसाब से अलग हो सकती है। उदाहरण के लिए FD पर अगर 6.5% सालाना ब्याज मिलता है, तो 20 लाख रुपये इन्वेस्ट करने पर 1,30,000 रुपये सालाना ब्याज मिलेगा। यानी महीने के हिसाब से करीब 10,833 रुपये की ब्याज आय मिलेगी।
हालांकि, कुछ बैंक वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य ग्राहकों से ज्यादा ब्याज देते हैं। अलग-अलग अवधि की एफडी पर भी ब्याज दर बदल सकती है। इसलिए वास्तविक कमाई आपके चुने हुए बैंक और FD की अवधि पर निर्भर करेगी। एफडी में ब्याज लेने के कई विकल्प भी मिलते हैं। बैंक के नियमों के अनुसार ब्याज मासिक, तिमाही या मैच्योरिटी पर एक साथ ब्याज लिया जा सकता है।
इसका कोई एक जवाब नहीं है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी जरूरत क्या है। अगर आप पात्र वरिष्ठ नागरिक हैं और अपेक्षाकृत ज्यादा ब्याज के साथ सरकारी स्मॉल सेविंग स्कीम में इन्वेस्ट करना चाहते हैं, तो SCSS में ज्यादा रिटर्न मिल सकता है। लेकिन इसका ब्याज तिमाही में मिलता है। अगर आपकी पहली प्राथमिकता हर महीने ब्याज की रकम लेना है, तो पोस्ट ऑफिस एमआईएस पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, इसमें निवेश सीमा लागू होती है। वहीं, बैंक एफडी उन लोगों के लिए सुविधाजनक हो सकती है जिन्हें अलग-अलग बैंक, अवधि और ब्याज भुगतान विकल्पों को चुनने की आजादी चाहिए।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)
Updated on:
12 Sept 2026 01:10 pm
Published on:
12 Sept 2026 01:10 pm
