
HDFC Bank Share Price: भारतीय शेयर बाजार को लेकर दुनिया के दिग्गज इन्वेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैश का रुख फिर से सकारात्मक हो गया है। कुछ महीने पहले तक बाजार को लेकर सतर्क नजरिया रखने वाले इस विदेशी ब्रोकरेज का अब मानना है कि निफ्टी अगले साल जून तक 26,500 अंक के स्तर पर पहुंच सकता है। यह स्तर निफ्टी के मौजूदा रिकॉर्ड हाई 26,373 से भी ऊपर है। ब्रोकरेज का कहना है कि भारत की अर्थव्यवस्था से जुड़े कई संकेत अब पहले के मुकाबले बेहतर दिख रहे हैं। कमोडिटी की कीमतों में नरमी, रुपये में स्थिरता, घरेलू मांग का मजबूत बने रहना और कंपनियों के दूसरी तिमाही के बेहतर नतीजों की उम्मीद से शेयर बाजार का माहौल सुधर रहा है। ऐसे में निफ्टी में मौजूदा स्तर से करीब 10 फीसदी तक तेजी की संभावना बनती दिख रही है।
गोल्डमैन सैश ने ऐसे 15 लार्जकैप शेयर चुने हैं, जिनमें उसे आने वाले महीनों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। इनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी पावर, कोटक महिंद्रा बैंक, एनटीपीसी, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (HAL), इटरनल, पावर ग्रिड कॉरपोरेशन, अडानी ग्रीन एनर्जी, इंटरग्लोब एविएशन, एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस, इंडियन होटल्स, मझगांव डॉक और मेकमायट्रिप शामिल हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल की पहली छमाही में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से रिकॉर्ड बिकवाली की थी। करीब साढ़े तीन महीने के दौरान उन्होंने लगभग 30 अरब डॉलर के भारतीय शेयर बेच दिए। हालांकि, जून के मध्य से तस्वीर बदलनी शुरू हुई है। विदेशी निवेशक दोबारा खरीदारी कर रहे हैं और अब तक करीब 2 अरब डॉलर का निवेश कर चुके हैं। सबसे ज्यादा पैसा बैंकिंग शेयरों में आया है।
गोल्डमैन सैश का मानना है कि अभी भी दुनिया के कई बड़े फंड भारतीय बाजार में अपनी हिस्सेदारी सामान्य से कम रखे हुए हैं। अगर घरेलू अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत और मजबूत होते हैं तो ये फंड दोबारा भारत में निवेश बढ़ा सकते हैं।
ब्रोकरेज का मानना है कि साल की दूसरी छमाही में निवेशकों की पसंद बदल सकती है। अब केवल तेज ग्रोथ वाले शेयरों के बजाय ऐसे शेयरों में दिलचस्पी बढ़ सकती है जिनकी कीमतें अभी भी आकर्षक हैं और वैल्यू बेहतर है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर विदेशी निवेशकों की वापसी तेज होती है तो सबसे ज्यादा फायदा उन बड़े शेयरों को मिल सकता है जिनमें पहले सबसे ज्यादा बिकवाली हुई थी। खासतौर पर बैंकिंग और लार्जकैप कंपनियां इस बदलाव की सबसे बड़ी लाभार्थी बन सकती हैं।
गोल्डमैन सैश ने साल की दूसरी छमाही के लिए बैंकिंग, पर्यटन और ऑयल रिफाइनिंग सेक्टर को पसंदीदा बताया है। इसके अलावा ब्रोकरेज की राय है कि निवेशकों को मिडकैप की तुलना में लार्जकैप शेयरों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पावर सेक्टर की कंपनियां ग्रामीण और कृषि आधारित शेयरों की तुलना में बेहतर परफॉर्म कर सकती हैं। वहीं, निर्यात पर ज्यादा निर्भर कंपनियों की जगह घरेलू कारोबार करने वाली कंपनियों में अवसर अधिक दिख रहे हैं। लंबी अवधि के नजरिए से गोल्डमैन सैश डिफेंस और एनर्जी सिक्योरिटी से जुड़े कारोबार को भी मजबूत थीम मानता है। ब्रोकरेज ने यूटिलिटी सेक्टर की रेटिंग बढ़ाकर 'ओवरवेट' कर दी है।
भारतीय शेयर बाजार में आज सोमवार को जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बीएसई सेंसेक्स आज 606 अंक की गिरावट के साथ खुला था। लेकिन यह 47 अंक बढ़कर 77,616 पर बंद हुआ है। कारोबार के दौरान यह अधिकतम 77,789 अंक तक गया। वहीं, एनएसई निफ्टी आज 4.10 अंक बढ़कर 24,211 पर बंद हुआ। आज सबसे अधिक तेजी निफ्टी आईटी में 3.59 फीसदी और निफ्टी मीडिया में 2.09 फीसदी दर्ज हुई।