कोरोना के संकट में केंद्र सरकार ने देशभर के कारोबारियो को राहत दी है। मासिक जीएसटी रिर्टन दाखिल करने की समय सीमा को 15 दिन बढ़ा दिया है। इससे पहले 11 जून अंतिम तारीख थी, जिसे बढ़ाकर अब 26 जून कर दिया गया है।
नई दिल्ली। कोरोना के संकट में केंद्र सरकार ने देशभर के कारोबारियो को राहत दी है। मासिक जीएसटी रिर्टन दाखिल करने की समय सीमा को 15 दिन बढ़ा दिया है। मई महीने के लिए मंथली सेल डिटेल्स पेश करने के लिए पहले 11 तारीख आखिरी थी। जिससे बढ़ाकर अब 26 जून कर दिया गया है। कोविड-19 की लहर को देखते हुए मई के लिए मासिक जीएसटी बिक्री रिटर्न भरने की डेडलाइन को आगे बढ़ाने का फैसला किया है।
15 दिन बढ़ाकर 26 जून की
केंद्र सरकार ने सोमवार को कहा कि जीएसटी के तहत मई के लिए मासिक बिक्री विवरण प्रस्तुत करने की समय सीमा 15 दिनों के लिए बढ़ाकर 26 जून तक कर दी गई है। केंद्रीय वित्त मंत्री की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद ने 28 मई की बैठक में यह निर्णय किया गया। कोविड-19 की लहर को देखते हुए कंप्लायंस के लिए समय बढ़ाने का यह फैसला किया गया। परिषद में सभी राज्यों के वित्त मंत्री शामिल होते हैं।
पहले 11 जून थी आखिरी तारीख
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने ट्विटर पर जीएसटी परिषद द्वारा दी गयी ढील की जानकारी दी। मई 2021 महीने में भेजे गए माल की आपूर्तियों का ब्यौरा जीएसटीआर-1 फॉर्म में देने की आखिरी तारीख को 15 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है। इससे पहले 11 जून अंतिम तारीख थी, जिसे बढ़ाकर अब 26 जून कर दिया गया है। कारोबारियों को आगामी महीने के 11वें दिन तक संबंधित महीने के दौरान की गई आपूर्ति का विवरण देते हुए GSTR-1 फाइल करना होता है। व्यवसायों को माल एवं सेवा कर (GST) के भुगतान के लिए जीएसटीआर-3 बी (GSTR-3B) फॉर्म अगले महीने के 20 से 24 वें दिन के बीच भरना होता है।
डीएससी की बजाय ईवीसी से जीएसटी रिटर्न भरने की मंजूरी
जीएसटी परिषद ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में कम्पोजिशिन डीलर के लिए वार्षिक रिटर्न दायर करने की अंतिम तारीख में तीन महीने का विस्तार कर उसे 31 जुलाई करने को भी मंजूरी दे दी है. साथ ही कंपनी अधिनियम के तहत रजिस्टर्ड टैक्सपेयर्स को 31 अगस्त, 2021 तक डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र (डीएससी) के बजाए इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन कोड (ईवीसी) का इस्तेमाल कर जीएसटी रिटर्न भरने की अनुमति मिल गई है।