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कम ब्याज दर वाला Credit Card लाने की तैयारी कर रही सरकार, 5 लाख रुपये होगी लिमिट, जानें फीचर्स

सरकार छोटे कारोबारियों के लिए कम ब्याज दर वाला क्रेडिट कार्ड लाने की प्लानिंग कर रही है। इससे इन कारोबारियों की वर्किंग कैपिटल से जुड़ी दिक्कत दूर हो सकेगी।
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Jul 22, 2025
सरकार कम ब्याज दर वाला क्रेडिट कार्ड लाने की योजना बना रही है। (PC: Pixabay)

केंद्र सरकार एमएसमई विशेषकर सूक्ष्म (माइक्रो) उद्यमों को राहत देने के लिए कम ब्याज दर वाला क्रेडिट कार्ड लाने की योजना पर काम कर रही है। इस क्रेडिट कार्ड की लिमिट अधिकतम 5 लाख रुपए होगी। इस कार्ड का मुख्य उद्देश्य छोटे कारोबारियों को समय पर पूंजी उपलब्ध कराना है, जिससे वे देरी से मिलने वाले भुगतानों के कारण कार्यशील पूंजी की दिक्कतों से बच सकें।

MSME कारोबारियों को होगा फायदा

कई एमएसएमई को ग्राहकों से भुगतान मिलने में 60 से 90 दिन तक का समय लगता है, जबकि सामान्य क्रेडिट कार्ड पर ब्याज मुक्त अवधि 30-45 दिन ही होती है। इसके बाद उस पर 25-30% तक वार्षिक ब्याज लगता है। लेकिन एमएसएमई के लिए लॉन्च होने वाला यह विशेष क्रेडिट कार्ड इस असंतुलन को दूर करेगा और कारोबारियों को लचीली शर्तों पर कर्ज चुकाने का विकल्प देगा।

योजना की खासियत

  • यह क्रेडिट कार्ड उद्यम पोर्टल पर रडिस्टर्ड सूक्ष्म उद्यमों के लिए होगा।
  • योजना के तहत 5 लाख रुपए तक सीमा वाले कार्ड की पेशकश की जाएगी।
  • इस क्रेडिट कार्ड में सामान्य क्रेडिट कार्ड के मुकाबले कम ब्याज दरें रहेंगी।
  • क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट जैसी सरकारी क्रेडिट गारंटी स्कीम इस योजना में शामिल की जाएंगी, जिससे बैंकों को कर्ज पर सुरक्षा मिलेगी।
  • इसमें ब्याज सब्सिडी सीधे नहीं दी जाएगी, बल्कि गारंटी कवर के माध्यम से बैंक को जोखिम से बचाया जाएगा, ताकि वे सस्ते दर पर कर्ज दें।

सितंबर 2025 तक लागू करने का लक्ष्य

सरकार ने इस योजना को सितंबर 2025 तक लागू करने का लक्ष्य रखा है। पहले वर्ष में 10 लाख कार्ड जारी करने की योजना है। इससे देशभर के लाखों सूक्ष्म उद्यम कारोबारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों का कहना है कि योजना के साथ-साथ वित्तीय साक्षरता अभियान भी चलाया जाएगा, ताकि कोई भी कारोबारी अनावश्यक कर्ज लेकर फंस न जाए। दुरुपयोग को रोकना और जिम्मेदारी से क्रेडिट का उपयोग करना इस योजना की सफलता की कुंजी होगा। इस योजना से न केवल सूक्ष्म उद्यमों को मदद मिलेगी, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में रोजगार और उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।

Updated on:
22 Jul 2025 02:32 pm
Published on:
22 Jul 2025 02:32 pm