कारोबार

भारत के इन स्टार्टअप्स को क्यों मिली करोड़ों की फंडिंग? टॉप 10 में से दो फाउंडर्स महज 22 साल के

हुरुन इंडिया U40 रिपोर्ट के अनुसार, टॉप 10 युवा भारतीय स्टार्टअप फाउंडर्स ने मजबूत बिजनेस मॉडल, टेक्नोलॉजी और ग्रोथ क्षमता के दम पर 1.16 लाख करोड़ रुपये से अधिक की फंडिंग जुटाई।

2 min read
Jan 22, 2026
प्रतीकात्मक तस्वीर (PC: AI)

Hurun Report 2026: भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में पिछले कुछ सालों में तेजी से बदलाव देखने को मिला है। अब निवेशकों का भरोसा विस्तार योगय और टिकाऊ बिजनेस मॉडल पर केंद्रित हो गया है। हुरुन इंडिया U40 सीरीज 2025 ने देश के सबसे अधिक फंड जुटाने वाले युवा फाउंडर्स की तस्वीर पेश की है। रिपोर्ट के अनुसार 40 वर्ष से कम उम्र के उद्यमियों द्वारा संचालित टॉप स्टार्टअप्स ने मिलकर 14 बिलियन डॉलर यानी 1.16 लाख करोड़ रुपये से अधिक की फंडिंग जुटाई है।

ये भी पढ़ें

40 की उम्र में जा रही लोगों की नौकरी, कॉरपोरेट दुनिया में बढ़ रहा यह खतरा

सबसे आगे ये युवा फाउंडर

इस सूची में सबसे ऊपर रही होटल और यात्रा सेवा देने वाली कंपनी ओयो, जिसके फाउंडर रितेश अग्रवाल हैं। ओयो ने अब तक करीब 3.7 बिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई है, जिससे यह U40 कैटेगरी की सबसे अधिक कैपिटल जुटाने वाली कंपनी बन गई है। निवेशकों का मानना है कि रीस्ट्रक्चरिंग के बाद ओयो अधिक अनुशासित नजर आती है। साथ ही, यह कैश फ्लो पर ध्यान देने वाला अंतरराष्ट्रीय यात्रा प्लेटफॉर्म के रूप में उभर रही है।

22 साल के फाउंडर कौन?

दूसरे स्थान पर क्विक कॉमर्स स्टार्टअप जेप्टो रहा, जिसके फाउंडर्स आदित पालिचा और कैवल्य वोहरा महज 22 साल के हैं। जेप्टो ने लगभग 1.95 बिलियन डॉलर जुटाए हैं। वहीं तीसरे स्थान पर मीशो रहा, जिसने 1.36 बिलियन डॉलर की फंडिंग हासिल की। मीशो ने टियर 2 और टियर 3 शहरों के छोटे सेलर्स पर फोकस कर निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है।

टॉप पांच में और कौन?

टॉप पांच में शामिल शेयरचैट ने भी और कार्स24 ने भी लगभग 1.3 बिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई। शेयरचैट ने कंटेंट और क्रिएटर इकोसिस्टम पर दांव लगाया, जबकि कार्स24 ने यूज्ड ऑटोमोबाइल मार्केट को डिजिटल बनाकर निवेशकों को आकर्षित किया। यह दर्शाता है कि भारत के घरेलू और ऑफलाइन सेक्टर्स में डिजिटल अवसर अभी भी मजबूत हैं।

AI और B2B स्टार्टअप्स में बढ़ता निवेश

कंज्यूमर प्लेटफॉर्म्स के अलावा एआई और बी2बी स्टार्टअप्स में भी बड़ी फंडिंग देखने को मिली। यूनिफोर, इम्प्रॉबेबल वर्ल्ड्स, परप्लेक्सिटी, ऑफबिजनेस और जेटवर्क जैसे स्टार्टअप्स ने अपने—अपने स्तर पर 850 से 987 मिलियन डॉलर तक की राशि जुटाई। ये कंपनियां एआई ऑटोमेशन, वर्चुअल टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग सप्लाई चेन को डिजिटल बनाने पर काम कर रही हैं, जो भारत की इंडस्ट्रियल ग्रोथ के लिए अहम मानी जा रही हैं।

ये भी पढ़ें

आईटी सेक्टर में नौकरियों पर लगा ब्रेक, पिछले नौ महिनों में हुई मात्र 17 नई भर्तियां

Updated on:
22 Jan 2026 11:15 am
Published on:
22 Jan 2026 11:14 am
Also Read
View All

अगली खबर