इन्फ्रा फंड्स में तेजी आर्थिक विकास के लिए सरकार की ओर से सरकार की ओर से बुनियादी ढांचा निर्माण पर जोर देने की वजह से आई है। नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन और नेशनल मोनेटाइजेशन प्लान से तहत वर्ष 2022-25 के दौरान छह लाख करोड़ की परिसंपत्तियों की बिक्री होगी, इससे इन्फ्रा शेयरों को मजबूती मिलेगी।
नई दिल्ली। इन्फ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट से जुड़े कंपनियों के शेयर पर दांव लगाने वाले म्युचूअल फंड्स ने पिछले एक साल में 90.63 प्रतिशत का औसत रिटर्न दिया है। टेक कंपनियों में निवेश करने वाले फंड्स और स्मॉलकैप फंड्स के बाद इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड ने इस वर्ष सबसे अधिक रिटर्न दिया है। इंफ्रा शेयरों में निवेश करने वाले कुल 21 म्युचूअल फंड्स में से सात ने इस वर्ष सौ फीसदी से भी अधिक रिटर्न दिया है।
इन वजहों से तेजी
इन्फ्रा फंड्स में तेजी आर्थिक विकास के लिए सरकार की ओर से सरकार की ओर से बुनियादी ढांचा निर्माण पर जोर देने की वजह से आई है। नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन और नेशनल मोनेटाइजेशन प्लान से तहत वर्ष 2022-25 के दौरान छह लाख करोड़ की परिसंपत्तियों की बिक्री होगी, इससे इन्फ्रा शेयरों को मजबूती मिलेगी।
जोखिम भी हैं
इन्वेस्टमेंट एक्सपर्ट जितेन्द्र सोलंकी का कहना है कि निवेशकों को सिर्फ पिछले प्रदर्शन के आधार पर ऐसे थीमेटिक फंड्स में निवेश नहीं करना चाहिए। इन्फ्रा फंड्स में भी उतार-चढ़ाव आता है और कई बार इन्होंने एक- दो फीसदी या निगेटिव रिटर्न भी दिया है। इसलिए निवेश सोच-समझकर करें।