Health Insurance Policy : हेल्थ इंश्योरेंस कवर खरीदने के लिए कुछ अहम पहलुओं पर विचार करना चाहिए। हर हेल्थ प्लान के अलग-अलग फीचर होते हैं और इसे खरीदते वक्त विभिन्न प्लान्स और उनके फीचर के बारे में पूरी जानकारी होगी। अगर ऐसा नहीं करते है तो क्लेम सेटलमेंट के दौरान काफी दिग्गतों का सामना करना पड़ता है।
Health Insurance Policy : इंसान के जीवन में कोई भी परेशानी बताकर नहीं आती है। आजकल की जीवनशैली में कई प्रकार की बीमारियां बढ़ती जा रही है। पिछले कुछ सालों में अपने देश में बढ़ती बीमारियों की वजह से दिन-दिन चिकित्सालय और मेडिकल सेवाओं के खर्च बढ़ रहे है। बिना किसी बीमा योजना के कोई आपात चिकित्सा के ज़रुरत पड़ने पर आपके जेब पर सीधा असर पड़ता है। कोरोना काल के दौरान लोगों को हेल्थ इंश्योरेंस की अहमियत समझ आई है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक हर किसी को हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी की जरूरत होती है। कुछ लोग सस्ती पॉलिसी खरीद लेते है या उसके नियम और शर्तों पर ध्यान नहीं देते है। ऐसे में क्लेम सेटलमेंट के समय काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पॉलिसी खरीदने से पहले कुछ खास बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए।
क्लेम सेटलमेंट
कोई हेल्थ इंश्योरेंस लेते समय सबसे क्लेम सेटलमेंट पर जरूर ध्यान चाहिए। अगर कोई कंपनी आसानी से बीमा पॉलिसी में कंज्यूमर को क्लेम सेटलमेंट नहीं देती है। ऐसे में बाद में उनको काफी परेशानी उठानी पड़ती है। RenewBuy के को-फाउंडर इंद्रनील चटर्जी का कहना है कि इंडस्ट्री आज क्लेम सेटलमेंट के मामले में कोलैबोरेट करते हुए काम कर रहा है। जिसकी वजह से बीते कुछ सालों में ट्रेडिशनल-डिजिटल मॉडल तेजी से सेटलमेंट के लिए एक साथ आ रहे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि पॉलिसीधारकों को कुछ टिप्स और ट्रिक्स के बारे में भी पता होना चाहिए ताकि उन्हें क्लेम सेटलमेंट में किसी तरह की परेशानी नहीं आए।
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वेटिंग पीरियड
हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते समय वेटिंग पीरियड का भी ध्यान रखना चाहिए। कुछ पॉलिसी एक या दो साल के वेटिंग पीरियड के बाद मौजूद बीमारियों को कवर करती है। वहीं ऐसी भी होती है जो चार बाद उन्हें कवर करती है। ऐसे में ऐसी पॉलिसी लेनी चाहिए जो कम समय में वेटिंग पीरियड अवधि की हो। अगर वेटिंग पीरियड से पहले बीमार पड़ गए तो क्लेम में दिग्गत आती है।
नियम और शर्तें
किसी भी पॉलिसी को लेने से पहले इसकी शर्तें और नियमों को ध्यान से पढ़ना चाहिए। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जो लोग नियम और शर्तों पर ध्यान नहीं देते है तो आगे चलकर परेशानी आती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इंश्योरेंस के लिए सही राशि का भी चयन करना चाहिए। पॉलिसी में परिवार के सदस्यों को जोड़ना चाहिए।
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