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पाकिस्तान की इकोनॉमी को ले बैठी अमेरिका-ईरान की जंग, आ गया IMF का नया अनुमान

Pakistan Economy Crisis: ईरान युद्ध के चलते मिडिल ईस्ट, उत्तरी अफ्रीका और पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था इस साल 1.3% सिकुड़ने के कगार पर है। आईएमएफ ने बताया कि अमेरिका-ईरान युद्ध से इस रीजन को काफी नुकसान हुआ है।
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Updated: 22 Oct 2026, 4:37 PM IST
Pakistan Economy Crisis
अमेरिका-ईरान युद्ध का पाकिस्तान की इकोनॉमी पर बुरा असर पड़ा है। (PC: AI)

युद्ध किसी का भला नहीं करता और जब बारूद की गंध तेल के कुओं तक पहुंच जाए तो पूरी दुनिया की जेब ढीली होना तय है। अमेरिका-इजराइल के ईरान के साथ संघर्ष ने पूरे मिडिल ईस्ट, उत्तरी अफ्रीका और पाकिस्तान के बाजारों को हिलाकर रख दिया है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने गुरुवार को दुबई में अपनी ताजा रिपोर्ट जारी कर बताया कि इस जंग की भारी कीमत इस इलाके को चुकानी पड़ रही है। इस साल पूरे रीजन की अर्थव्यवस्था में 1.3 प्रतिशत की सीधी गिरावट आने का अनुमान है।

इन देशों पर ज्यादा असर

आईएमएफ के मुताबिक, सबसे तगड़ी मार उन मुल्कों पर पड़ी है जिनकी पूरी कमाई कच्चे तेल और गैस पर टिकी थी। ऑयल फील्ड्स पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं और समुद्री रास्तों से माल भेजना दूभर हो गया है। क्रूड ऑयल की सप्लाई से जुड़ी चिंताओं, टूरिज्म थमने और आपसी व्यापार ठप होने से इन देशों के बाजारों में डर का माहौल है।

जंग रुकी तो 2027 में दिखेगी अच्छी रिकवरी

आईएमएफ का मानना है कि साल 2027 की शुरुआत तक अगर जंग की यह तपिश धीमी पड़ी, तो रास्ते फिर खुलेंगे और व्यापार पटरी पर लौटेगा। उस साल अर्थव्यवस्था में 6.6 फीसदी का तेज उछाल आ सकता है। लेकिन यह 'अगर' बहुत बड़ा है। रिपोर्ट में आगाह किया गया है कि अगर तेल सप्लाई और व्यापारिक रास्तों में और रोड़े अटके, तो कच्चा तेल आसमान छूने लगेगा।

IMF ने पॉलिसी मेकर्स को दी नसीहत

वैश्विक स्तर पर बढ़ती ब्याज दरें और महंगाई का डर इस संकट को और गहरा कर सकते हैं। आईएमएफ ने कड़े शब्दों में नीति निर्माताओं को नसीहत दी है कि वे आंख मूंदकर बैठने के बजाय महंगाई पर लगाम लगाएं, खजाने का सही इस्तेमाल करें, केंद्रीय बैंकों के काम में दखल न दें और ऐसे सुधार करें जिससे युवाओं को नौकरियां मिल सकें।

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22 Oct 2026, 4:37 PM IST
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