इस योजना से लगभग 11 हजार करोड़ रुपए की राहत पूरी इंडस्ट्री को मिलेगी। इससे न सिर्फ वियतनाम और बांग्लादेश जैसे देशों के मुकाबले प्रतिस्पर्धा में भारतीय कारोबारियों को फायदा होगा, बल्कि बड़े पैमाने पर नौकरियां भी पैदा होंगी।
नई दिल्ली। देश में कपड़ा क्षेत्र को राहत देने के मकसद से सरकार की उत्पादन आधारित इंसेंटिव स्कीम अगले महीने से शुरू हो सकती है। यह योजना अंतिम पड़ाव पर है। कपड़ा मंत्रालय की ओर से योजना से जुड़ा केबिनेट नोट मंजूरी के लिए भेज दिया गया है। इस नोट को एक से दो महीने में मंजूरी मिल सकती है, जिसके बाद इसे अमली जामा पहनाया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, इस योजना से लगभग 11 हजार करोड़ रुपए की राहत पूरी इंडस्ट्री को मिलेगी। इससे न सिर्फ वियतनाम और बांग्लादेश जैसे देशों के मुकाबले प्रतिस्पर्धा में भारतीय कारोबारियों को फायदा होगा, बल्कि बड़े पैमाने पर नौकरियां भी पैदा होंगी।
इस तरह मिलेगा इंसेंटिव
कुल इंसेंटिव में से सात हजार करोड़ रुपए इंसेंटिव मैन मेड फाइबर के लिए रखा जा सकता है। वहीं करीब चार हजार करोड़ रुपए की राहत टेक्निकल टेक्सटाइल के लिए दी जा सकती है। नए टेक्सटाइल मंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद पीयूष गोयल ने इस नीति की व्यापक स्तर पर समीक्षा करने के बाद पिछले हफ्ते इसे मंजूरी दी है और केबिनेट नोट तैयार किया गया है।
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दूसरा सबसे ज्यादा रोजगार देने वाला सेक्टर
कृषि के बाद यह दूसरा सबसे ज्यादा रोजगार देने वाला सेक्टर है। इससे साढ़े चार हजार करोड़ लोगों को सीधे तौर पर और छह करोड़ लोगों को अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार मिला हुआ है। इंसेंटिव योजदना के बाद उम्मीद है कि वैश्विक बाजार में भारत की खोई पकड़ और मजबूत हो सकती है।
टैक्स छूट योजना की समय अवधि बढ़ी
इससे पहले जुलाई में टेक्सटाइल निर्यात पर टैक्स छूट की योजना की समय अवधि मार्च, 2024 तक बढ़ा दी गई थी। केन्द्र ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए दो लाख करोड़ की उत्पादन आधारित इंसेंटिव योजना का ऐलान किया था।