RBI ने अप्रैल 2026 की बैठक में रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखा है। हालांकि तुरंत दरें बढ़ने की उम्मीद कम है, लेकिन ईरान-इजरायल युद्ध के कारण बढ़ती महंगाई और ग्लोबल हालातों को देखते हुए एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगले कुछ महीनों में बैंक FD पर ब्याज बढ़ा सकते हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने अपनी बैठक में रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर स्थिर रखने का निर्णय लिया है। इस फैसले के बाद अब सबकी नजरें बैंकों की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) दरों पर टिक गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल FD दरों में वृद्धि की संभावना नहीं है। लेकिन कई ऐसे संकेत देखने को मिल रहे है, जो बताते है कि भविष्य में दरों में वृद्धि की संभावना है।
साल 2025 में RBI ने रेपो रेट में कुल 125 बेसिस पॉइंट (bps)की कटौती की थी, जिससे साल के शुरुआती महीनों में FD की ब्याज दरों में काफी गिरावट देखी गई थी। हालांकि, पिछले कुछ समय से दरों को स्थिर रखा गया है, जिससे निवेशकों को थोड़ी राहत मिली है।
| Date | Repo Rate (%) | Change (%) |
|---|---|---|
| 07-Feb-25 | 6.25% | -0.25% |
| 09-Apr-25 | 6.00% | -0.25% |
| 06-Jun-25 | 5.50% | -0.50% |
| 06-Aug-25 | 5.50% | 0.00% |
| 05-Dec-25 | 5.25% | 0.25% |
| 06-Feb-26 | 5.25% | 0.00% |
| 08-Apr-26 | 5.25% | 0.00% |
बुधवार को ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होना स्थिरता का संकेत देते हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बैंक FD दरों में तुरंत बढ़ोतरी शायद न करें, लेकिन आने वाले कुछ महीनों में ब्याज दरें बढ़ सकती हैं। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह इजरायल-ईरान संघर्ष के कारण बढ़ती वैश्विक अस्थिरता और इसके चलते बढ़ती महंगाई है।
नीचे FD के टाइम पीरियड के हिसाब से पांच प्रमुख सरकारी बैंकों द्वारा दी जाने वाली ब्याज दरों को बताया गया है।
| एफडी की अवधि | बैंक 1 | बैंक 2 | बैंक 3 | बैंक 4 | बैंक 5 |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 साल | इंडियन ओवरसीज बैंक (6.50%) | यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (6.30%) | बैंक ऑफ इंडिया (6.25%) | केनरा बैंक (6.25%) | पंजाब नेशनल बैंक (6.25%) |
| 3 साल | पंजाब नेशनल बैंक (6.30%) | स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (6.30%) | बैंक ऑफ बड़ौदा (6.25%) | बैंक ऑफ इंडिया (6.25%) | केनरा बैंक (6.25%) |
| 5 साल | बैंक ऑफ बड़ौदा (6.30%) | केनरा बैंक (6.25%) | इंडियन ओवरसीज बैंक (6.10%) | पंजाब नेशनल बैंक (6.10%) | स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (6.05%) |
अक्सर लोग समझते हैं कि FD की दरें सिर्फ रेपो रेट पर टिकी होती हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। बैंकों की दरें इन 4 प्रमुख कारकों पर निर्भर करती हैं।