
होम लोन के साथ कई हिडन चार्जेज आते हैं। (PC: AI)
अपना घर खरीदना हर किसी का सपना होता है, लेकिन पिछले कुछ समय से प्रॉपर्टी के दामों में हो रही बढ़ोतरी के चलते कई लोग ऐसा नहीं कर पाते और वे होम लोन लेने की सोचते है। लेकिन होम लोन लेते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना होता है, जिसके बारे में आपको जानना जरूरी है। देश के प्रमुख सरकारी बैंकों ने इस महीने होम लोन की ब्याज दरें 7.10 फीसदी से शुरू कर रखी हैं। लेकिन सिर्फ ब्याज दर देखकर लोन लेना सही नहीं है। प्रोसेसिंग फीस, छिपे हुए चार्ज और लोन की अवधि मिलकर आपकी कुल लागत को लाखों रुपये तक बढ़ा सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि पूरी जानकारी लेकर सही फैसला लिया जाए। इसके लिए पांच जरूरी टिप्स जो आपको जानना जरूरी है।
अप्रैल 2026 में SBI, PNB, Bank of Baroda, Union Bank of India, Canara Bank, Bank of India और UCO Bank जैसे बड़े सरकारी बैंक होम लोन पर प्रतिस्पर्धी ब्याज दरें ऑफर कर रहे हैं। इनकी शुरुआती दर 7.10 फीसदी से है। हालांकि यह सबसे कम दर केवल उन्हीं को मिलती है, जिनका क्रेडिट स्कोर 750 या उससे ऊपर होता है और जिनका रीपेमेंट रिकॉर्ड अच्छा होता है। जिन आवेदकों की क्रेडिट प्रोफाइल कमजोर होती है, उनके लिए ब्याज दर ऊपर जाती है। बैंक अपना जोखिम कवर करने के लिए यह फर्क रखते हैं। यानी ज्यादा जोखिम होने पर ब्याज दरों का बढ़ना सामान्य है।
| बैंक | 30 लाख तक | 30–75 लाख | 75 लाख से अधिक |
|---|---|---|---|
| भारतीय स्टेट बैंक | 7.25–8.95% | 7.25–8.95% | 7.25–8.95% |
| बैंक ऑफ बड़ौदा | 7.20–9.00% | 7.20–9.00% | 7.20–9.25% |
| यूनियन बैंक ऑफ इंडिया | 7.15–9.50% | 7.15–9.50% | 7.15–9.50% |
| पंजाब नेशनल बैंक | 7.30–9.30% | 7.25–9.20% | 7.25–9.20% |
| बैंक ऑफ इंडिया | 7.10–10.00% | 7.10–10.00% | 7.10–10.25% |
| केनरा बैंक | 7.25–10.00% | 7.20–10.00% | 7.15–9.90% |
| यूको बैंक | 7.15–9.25% | 7.15–9.25% | 7.15–9.25% |
होम लोन लेते समय सिर्फ ब्याज दर को देखना सही नहीं है। इसके साथ ही इफेक्टिव एप्लीकेबल इंटरेस्ट रेट देखना भी जरूरी है। इस दर में इंश्योरेंस प्रीमियम, अपफ्रंट चार्ज और अन्य छिपे हुए खर्च भी शामिल होते हैं। इसकी जानकारी आपको अपने बैंक से लोन के लिए आवेदन करते समय जरूर लेनी चाहिए। इसलिए जरूरी है कि बैंकों की तुलना करते समय इसी असली दर को देखें, न कि सिर्फ ब्याज दर को।
एक अहम पहलू यह भी है कि लोन लेते समय उसकी अवधि और चुकाई जाने वाली EMI की तुलना करना जरूरी होता है। क्योंकि लोन चुाकने की अवधि को लंबा करने से आपको ज्यादा ब्याज चुकाना पड़ता है। इसलिए अपनी आय और खर्चों का हिसाब लगाकर ही EMI तय की जानी चाहिए।
बैंक होम लोन देने से पहले कई शर्तें रखता है। इनमें आयु सीमा, न्यूनतम आय और नौकरी का प्रकार जैसी बातें शामिल होती हैं। अगर आप बिना इन्हें जाने आवेदन कर देते हैं और लोन रिजेक्ट हो जाता है तो यह आपके क्रेडिट स्कोर को नुकसान पहुंचाता है। इसलिए पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आप उस बैंक की बेसिक एलिजिबिलिटी पूरी करते हैं जहां आप आवेदन करना चाहते हैं।
होम लोन एक लोंग पीरियड की जिम्मेदारी है। ऐसे में कुछ बैंक ऐसी सुविधाएं देते हैं, जो भविष्य में आपके बहुत काम आ सकती हैं। जैसे कि लोन टॉप-अप की सुविधा यानी अतिरिक्त लोन सुविधा और फिक्स्ड और फ्लोटिंग रेट के बीच स्विच करने का विकल्प यानी ब्याज दरों में बदलाव होने पर आपकी EMI में भी बदलाव हो। अगर आपकी आर्थिक स्थिति बदलती है तो यह लचीलापन आपको सही समय पर सही फैसला लेने में मदद कर सकता है। ऐसे बैंक चुनें जो आपको ये विकल्प देते हों।
Updated on:
09 Apr 2026 02:46 pm
Published on:
09 Apr 2026 02:45 pm
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