Share Market Today: आज 13 दिसंबर शुक्रवार के दिन शेयर बाजारों की शुरुआत गिरावट के साथ हुई है। Sensex 160 अंकों की गिरावट के साथ 81,149 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। आइए जानते है पूरी खबर।
Share Market Today: आज 13 दिसंबर शुक्रवार के दिन शेयर बाजार (Share Market Today) की शुरुआत गिरावट के साथ हुई है। Sensex 160 अंकों की गिरावट के साथ 81,149 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि Nifty 30 अंकों की गिरावट के साथ 24,505 पर है। बैंक निफ्टी भी 62 अंक टूटकर 53,129 के स्तर पर पहुंच गया। इस गिरावट के पीछे आईटी और मेटल सेक्टर के कमजोर प्रदर्शन का हाथ है।
इस पूरे सप्ताह शेयर बाजार सीमित दायरे में रहा। गुरुवार को निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 10,100 करोड़ रुपए की बिकवाली की, हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 2,600 करोड़ रुपए की खरीदारी की। इसके बावजूद बाजार में गिरावट का रुख कायम रहा।
अमेरिकी बाजारों से भी कमजोर संकेत मिल रहे हैं। वहां होलसेल महंगाई अनुमान से अधिक बढ़ने के बाद डाओ जोंस 234 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि नैस्डैक में 132 अंकों की गिरावट आई। एशियाई बाजार (Share Market Today) भी दबाव में रहे, जहां जापान का निक्केई 300 अंक गिरा। सुबह GIFT निफ्टी 100 अंकों की गिरावट के साथ 24,550 के करीब कारोबार कर रहा था।
नवंबर में उपभोक्ता महंगाई दर (CPI) 6.25% से घटकर 5.48% पर आई। औद्योगिक उत्पादन (IIP) में 3.5% की वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछले तीन महीनों में सबसे ऊंची है। डॉलर के मजबूत होने से सोना 50 डॉलर टूटकर 2,700 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। कच्चा तेल 73 डॉलर के ऊपर स्थिर रहा।
डॉलर के मजबूत होने से सोने और चांदी की कीमत में गिरावट दर्ज की गई। घरेलू बाजार में सोना 1,000 रुपए गिरकर 78,000 के नीचे आ गया, जबकि चांदी 3,300 रुपए टूटकर 92,600 के स्तर पर बंद हुई। कमोडिटी बाजार (Share Market Today) में कच्चे तेल की कीमतें सपाट बनी रहीं।
गुरुवार को बाजार (Share Market Today) को आर्थिक मोर्चे पर दो सकारात्मक खबरें मिलीं। नवंबर की CPI महंगाई दर 5.48% पर आ गई, जो सवा छह प्रतिशत से कम है। अक्टूबर में IIP ग्रोथ 3.5% रही, जो तीन महीने के उच्चतम स्तर पर है।
निवेशकों को सलाह दी जाती है कि शेयर बाजार (Share Market Today) में मौजूदा उतार-चढ़ाव को देखते हुए सतर्कता बरतें। आईटी और मेटल सेक्टर में दबाव बना रह सकता है। वहीं, डॉलर के मजबूत होने का असर कमोडिटी बाजार पर भी देखा जा सकता है।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी देने के उद्देश्य से है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें। राजस्थान पत्रिका इस लेख में दिए गए किसी भी निवेश निर्णय के लिए जिम्मेदार नहीं है।