Sensex rally: बुधवार को शेयर बाजार जबरदस्त तेजी के साथ खुले। इसके साथ ही रुपये में भी मजबूती आई और ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है।
पिछले एक महीने से भी ज्यादा समय से चल रहे युद्ध में सीजफायर होने की खबरों के बीच भारतीय शेयर बाजार में बुधवार सुबह जबरदस्त तेजी देखने को मिली। निवेशकों के लिए यह दिन बड़ी राहत लेकर आया, क्योंकि बाजार ने अचानक तेज रफ्तार पकड़ ली। इस तेजी का मुख्य कारण डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा है। इस घोषणा के मुताबिक वाशिंगटन ने अलगे दो हफ्ते के लिए ईरान पर सैन्य कार्रवाई पर रोक लगा दी है। इसके अलावा ईरान अमेरिका की वार्ता शुक्रवार को इस्लामाबाद में शुरु होगी। इससे बाजार में आने वाले कुछ दिनों तक तेजी देखने को मिल सकती है।
सुबह के कारोबार में सेंसेक्स करीब 2800 अंक चढ़कर 77,392 के स्तर तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी 800 अंकों से ज्यादा उछलकर 23,939 के स्तर पर पहुंच गया। इस उछाल से निवेशकों की संपत्ति में कुछ ही मिनटों में करीब 14 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हो गया।
डॉलर इंडेक्स में 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जिससे भारतीय रुपया मजबूत हुआ। रुपया 50 पैसे मजबूत होकर 92.56 के स्तर पर पहुंच गया। मजबूत रुपया विदेशी निवेशकों को आकर्षित करता है और भारतीय बाजार में निवेश बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है। इससे बाजार में तेजी को और समर्थन मिला है।
बुधवार की तेजी शेयर बाजार के सभी सेक्टर्स के लिए आई। बीएसई सेंसेक्स के SUNPHARMA और TECHM के अलावा सभी प्रमुख 30 शेयरों में तेजी देखी गई। इसके अलावा निफ्टी के सभी प्रमुख सेक्टर्स में तेजी देखने को मिली। जिसमें सबसे ज्यादा NIFTY REALTY में 6.96 फीसदी का उछाल देखा गया।
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित सीजफायर की खबर ने बाजार में सकारात्मक माहौल बना दिया। एशियाई बाजारों में भी तेजी देखने को मिली, जहां जापान और कोरिया के बाजारों में 6 फीसदी तक उछाल आया। इसके अलावा, निवेशकों को उम्मीद है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अपनी मौद्रिक नीति में स्थिरता बनाए रखेगा। ब्याज दरों में बदलाव न होने की संभावना से बाजार को स्थिर समर्थन मिला है।
ब्रेंट क्रूड की कीमतों में करीब 14 फीसदी की गिरावट आई है और यह 95 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया है। भारत जैसे आयात पर निर्भर देश के लिए यह बड़ी राहत है। सस्ता कच्चा तेल महंगाई को कम कर सकता है और अर्थव्यवस्था को मजबूती देता है। इससे कंपनियों की लागत घटती है और मुनाफा बढ़ने की संभावना बनती है, जो शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है।