
TCS Share Review: काफी समय से दबाव झेल रहे टीसीएस के शेयर में आखिरकार रौनक लौटती दिखी है। जून तिमाही के नतीजे आने के बाद शुक्रवार को कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर करीब 4 फीसदी उछल गया। मजबूत कमाई और डिविडेंड के ऐलान ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है, लेकिन सवाल अभी भी वही है कि क्या मौजूदा स्तर पर इस शेयर में निवेश करना समझदारी होगी? शुक्रवार को बीएसई पर सुबह 9 बजकर 18 मिनट पर टीसीएस का शेयर 4.11 फीसदी चढ़कर 2,132 रुपये पर ट्रेड करता दिखा। इसके बाद इसमें कुछ गिरावट आई और यह करीब 2 फीसदी की तेजी के साथ ट्रेड करता दिखा।
टीसीएस के शेयर का पिछले कुछ महीनों का रिटर्न कुछ खास नहीं रहा है। कंपनी का शेयर एक महीने में करीब 2 फीसदी, तीन महीने में 16 फीसदी, छह महीने में 33 फीसदी और एक साल में लगभग 38 फीसदी टूट चुका है।
तिमाही नतीजों के बाद अलग-अलग ब्रोकरेज हाउस की राय भी अलग नजर आई। कुछ को आने वाले वर्षों में अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है, जबकि कुछ का मानना है कि वैश्विक आर्थिक सुस्ती और AI की वजह से बदलते कारोबारी माहौल का असर अभी बना रहेगा।
सेंट्रम ब्रोकिंग ने टीसीएस पर अपनी 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि, उसने टार्गेट प्राइस 3,841 रुपये से घटाकर 3,480 रुपये कर दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी के नतीजे अनुमान के मुताबिक रहे हैं और बड़े ऑर्डर लगातार मिल रहे हैं। AI आधारित प्रोजेक्ट्स और नए क्लाइंट्स की वजह से मांग धीरे-धीरे बेहतर हो रही है। कंपनी की भर्ती और AI स्किल्स पर निवेश भी यह संकेत देता है कि मैनेजमेंट आने वाले समय को लेकर आश्वस्त है।
360 ONE Capital ने शेयर पर 'Hold' रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने टार्गेट प्राइस 2,290 रुपये ही रखा है। उसका मानना है कि कंपनी के नतीजे उम्मीद के मुताबिक रहे, लेकिन वेतन बढ़ोतरी की वजह से ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव दिखाई दिया। भारत और एशिया-प्रशांत क्षेत्र का प्रदर्शन अच्छा रहा, जबकि विकसित देशों से मांग अभी भी कमजोर बनी हुई है। ब्रोकरेज का कहना है कि AI से जुड़े बदलाव, कीमतों पर दबाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता की वजह से निकट भविष्य में शेयर की वैल्यूएशन में बड़ी तेजी की उम्मीद करना जल्दबाजी होगी।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में टीसीएस का कंसोलिडेटेड शुद्ध लाभ बढ़कर 13,349 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 12,760 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। यानी सालाना आधार पर लाभ में करीब 5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। हालांकि, मार्च तिमाही के मुकाबले कंपनी का मुनाफा थोड़ा कमजोर रहा। मार्च तिमाही में टीसीएस ने 13,718 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था।
कंपनी की परिचालन आय भी मजबूत रही। जून तिमाही में राजस्व 14 फीसदी बढ़कर 72,275 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। जबकि एक साल पहले यह 63,437 करोड़ रुपये था। तिमाही आधार पर भी आय में करीब 2 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
टीसीएस के बोर्ड ने 12 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी दी है। इसके लिए 15 जुलाई 2026 की रिकॉर्ड डेट तय की गई है। पात्र निवेशकों के खाते में डिविडेंड की राशि 31 जुलाई 2026 को भेजी जाएगी।
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक के. कृतिवासन ने बताया कि पहली तिमाही में कंपनी को 9.5 अरब डॉलर के नए ऑर्डर मिले हैं। इनमें SKF के साथ हुआ बड़ा AI आधारित ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट भी शामिल है। कंपनी का AI कारोबार अब सालाना आधार पर 2.6 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि दुनियाभर की कंपनियां अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड और डिजिटल मॉडर्नाइजेशन पर तेजी से निवेश बढ़ा रही हैं। इसका फायदा आगे भी टीसीएस को मिल सकता है।