हाल में कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी ने शेयर मार्केट में इंट्राडे ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों के बारे में कुछ दिलचस्प खुलासे किए हैं। स्टडी के अनुसार वित्त वर्ष 2022-23 में 10 में से 7 लोगों ने इक्विटी कैश सेगमेंट में इंट्राडे ट्रेडिंग से नुकसान उठाया है। एक अध्ययन में पता चला है कि इंट्राडे ट्रेडिंग करने वाले 71 फीसदी निवेशकों की रकम डूब गई। उनका औसत घाटा 5,371 रुपए रहा।
जगमोहन शर्मा
हाल में कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी ने शेयर मार्केट में इंट्राडे ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों के बारे में कुछ दिलचस्प खुलासे किए हैं। स्टडी के अनुसार वित्त वर्ष 2022-23 में 10 में से 7 लोगों ने इक्विटी कैश सेगमेंट में इंट्राडे ट्रेडिंग से नुकसान उठाया है। एक अध्ययन में पता चला है कि इंट्राडे ट्रेडिंग करने वाले 71 फीसदी निवेशकों की रकम डूब गई। उनका औसत घाटा 5,371 रुपए रहा।
इंट्राडे में शेयरों की कीमत में घटत-बढ़त धारणा बदलने से होती है। अधिकतर निवेशक अनुमान के आधार पर दांव लगाते हैं। कई बार भाग्यशाली हो सकते हैं, पर रोजाना सटीक अनुमान नहीं लगा सकते।
इंट्राडे ट्रेडिंग करने वाले लोगों के अनुसार उनके पास पैसा कमाने का मौका 50-50 है। निवेशक एसजी राजा शेखरन का कहना है, ये तब ही सही हो सकता है जब सभी निवेशकों के पास समान जानकारी हो।
खुदरा निवेशक सबसे कमजोर होते हैं। उनका मुकाबले बड़ी रकम वाले अनुभवी निवेशकों से होता हैं, जिनके पास अधिक जानकारी और डेटा होता है। साथ ही वह तेज कंप्यूटर के साथ भी काम करते हैं।
इंट्राडे ट्रेडिंग एक तरह से जुए जैसा होता है। इसकी आदत भी लग सकती है। भले ही इंट्राडे ट्रेडर की रकम डूब जाए, मगर उन्हें यह उम्मीद रहती है कि एक न एक दिन उनकी स्थिति बदल सकती है।
जोखिम : जोखिम प्रबंधन सीखें। अपनी चुनी हुई रणनीति पर कायम रहें। छोटी रकम के साथ शुरुआत करें व ट्रेडिंग का लेखा-जोखा रखें।
नेटवर्थ का केवल 5 फीसदी: इंट्राडे ट्रेडिंग को नेटवर्थ का 5 फीसदी तक सीमित रखें। साथ ही अगर वह रकम डूब जाए तो उसे छोड़ देना चाहिए।
फुल टाइम नौकरी या कोई अन्य काम करने वालों को इंट्राडे ट्रेडिंग से बचना चाहिए क्योंकि वे अपना पूरा ध्यान नहीं दे पाते हैं जिससे उन्हें नुकसान हो सकता है।
इंट्राडे ट्रेडिंग में एक ही ट्रेडिंग दिन में स्टॉक को खरीदना व बेचना होता है। इसमें शेयरों को निवेश के लिए नहीं, बल्कि स्टॉक इंडेक्स के उतार- चढ़ाव को बढ़ावा देकर लाभ पाने के लिए खरीदा जाता है। यहां शेयरों के ट्रेडिंग से लाभ कमाने के लिए शेयरों की कीमतों में उतार-चढ़ाव को मॉनिटर किया जाता है। इसमें शेयर खरीदने के बाद मार्केट बंद होने से पहले ही बेच देना अनिवार्य है। इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए एक ऑनलाइन ट्रेडिंग खाता खोला जाता है।