Provident Fund Account : GPF दर महंगाई और मौद्रिक नीति को ध्यान में रखकर तय की जाती है।
केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए जरूरी घोषणा की है। वित्त मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के लिए जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) और उससे जुड़े अन्य भविष्य निधि खातों पर ब्याज दर को 7.1% तय किया है। यह ब्याज दर 1 जुलाई 2025 से प्रभावी मानी जाएगी और 30 सितंबर 2025 तक लागू रहेगी। वित्त मंत्रालय के बजट डिवीजन की ओर से जारी गजट अधिसूचना में इस दर की पुष्टि की गई है।
अधिसूचना में साफ किया गया है कि यह दर केंद्रीय सेवाओं, रक्षा सेवाओं, रेलवे, ऑर्डिनेंस फैक्ट्रीज, डॉकयार्ड और अखिल भारतीय सेवाओं के तहत आने वाले Provident Fund Account पर लागू होगी।
1- जनरल प्रोविडेंट फंड (सेंट्रल सर्विसेज)
2- कॉन्ट्रिब्यूटरी प्रोविडेंट फंड (इंडिया)
3- ऑल इंडिया सर्विसेज प्रोविडेंट फंड
4- स्टेट रेलवे प्रोविडेंट फंड
5- डिफेंस सर्विसेज प्रोविडेंट फंड
6- इंडियन ऑर्डिनेंस डिपार्टमेंट प्रोविडेंट फंड
7- ऑर्डिनेंस फैक्ट्री वर्कमैन प्रोविडेंट फंड
8- नेवल डॉकयार्ड वर्कमैन प्रोविडेंट फंड
9- डिफेंस सर्विस ऑफिसर्स प्रोविडेंट फंड
10- आर्म्ड फोर्सेज पर्सनल प्रोविडेंट फंड
सरकार की इस घोषणा से करीब 50 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारी लाभान्वित होंगे। उल्लेखनीय है कि बीती कई तिमाही से यह दर स्थिर बनी हुई है। ऑल इंडिया अकाउंट्स कमेटी के महासचिव एचएस तिवारी बताते हैं कि GPF दर महंगाई और मौद्रिक नीति को ध्यान में रखकर तय की जाती है। सरकार ने यह आदेश सभी मंत्रालयों, विभागों, उच्च पदस्थ अधिकारियों और राज्य सरकारों को भी भेजा है ताकि सभी संबंधित लोगों को समय पर जानकारी मिल जाए।