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Food Inflation: ईद से पहले महंगाई का झटका, खाने-पीने की चीजें 25% तक महंगी, कई स्ट्रीट फूड दुकानों पर लगे ताले

LPG crisis India: रमजान 2026 में एलपीजी संकट के कारण दिल्ली समेत पूरे भारत में फूड बिजनेस प्रभावित हुआ है। गैस की कीमत बढ़ने से खाने की चीजें महंगी हुईं।
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भारत

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Gajanand Prajapat

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Updated: 17 Mar 2026, 4:37 PM IST

Food Inflation Street food stalls face price hike LPG crisis Eid celebrations

फोटो: एआई

रमजान 2026 में ईद उल फितर की तैयारियां जोरों पर हैं। दिल्ली के जाकिर नगर और शाहीन बाग जैसे इलाकों में देर रात तक बाजार सज रहे हैं और लोग खरीदारी व स्ट्रीट फूड का आनंद ले रहे हैं। लेकिन इस बार पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण ऊर्जा आपूर्ति में बाधा चल रही है, जिसके कारण एलपीजी सिलेंडर की कीमत में भारी उछाल देखने को मिला है।

कीमतों में इस बढ़ोतरी के कारण रमजान में फूड बिजनेस पर सीधा असर पड़ा है। इस बार रमजान में लोगों को एलपीजी संकट की वजह से अलग ही मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। इस संकट ने छोटे दुकानदारों और खाने के कारोबार को गहराई से प्रभावित किया है।

एलपीजी संकट के चलते बढ़ी कीमतें

जाकिर नगर जैसे फूड हब में जहां रमजान के दौरान रातभर खाने पीने की रौनक रहती है, वहां कई दुकानों को गैस की कमी के कारण बंद रहना पड़ा। कुछ दुकानदारों ने अपने मेन्यू से महंगे और ज्यादा गैस खपत वाले आइटम हटा दिए हैं।

जहां पहले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर लगभग 1800 रुपये में मिल जाता था, वहीं अब इसकी कीमत 3500 से 4000 रुपये तक पहुंच गई है। इस वजह से दुकानदारों के लिए खर्च निकालना मुश्किल हो गया है।

कई छोटे रेस्टोरेंट और स्ट्रीट वेंडर्स को मजबूरी में या तो दुकान बंद करनी पड़ी या फिर सीमित आइटम के साथ काम चलाना पड़ा। बिरयानी, कोरमा और तंदूरी जैसे लोकप्रिय व्यंजन अब हर दुकान पर उपलब्ध नहीं हैं।

ग्राहकों की जेब पर पड़ा सीधा असर

एलपीजी की बढ़ती कीमतों का सीधा असर ग्राहकों की जेब पर भी पड़ा है। दिल्ली के कई इलाकों में खाने की कीमतों में 10 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

जहां पहले बिरयानी की एक प्लेट 200 रुपये में मिलती थी, वहीं अब इसकी कीमत 230 से 250 रुपये तक पहुंच गई है। समोसे की कीमत 10 रुपये से बढ़कर 15 रुपये हो गई है, जबकि तंदूरी रोटी की कीमत 6 से बढ़कर 8 रुपये हो गई है।

लोकल सर्किल्स सर्वे के अनुसार, लगभग 57 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने माना कि पिछले एक हफ्ते में रेस्टोरेंट्स ने कीमतें बढ़ाई हैं, जबकि 54 प्रतिशत स्ट्रीट फूड विक्रेताओं ने भी दाम बढ़ाए हैं। इसके अलावा कुछ जगहों पर बिल में 15 रुपये तक अलग से फीस जोड़ी जा रही है, यह कहकर की यह एलपीजी रिविजन की फीस है।

पूरे देश में दिख रहा असर

यह संकट केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी इसका असर देखा जा रहा है। लखनऊ जैसे शहरों में कुछ प्रसिद्ध दुकानों ने गैस की जगह कोयले का उपयोग शुरू कर दिया है।

जम्मू कश्मीर में भी प्रशासन सतर्क हो गया है और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। इस बीच कई रेस्टोरेंट्स को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है, जबकि कुछ बिजली और इंडक्शन जैसे विकल्पों की तलाश कर रहे हैं।

ईद उल फितर, जो रमजान के अंत का प्रतीक है, इस साल 20 या 21 मार्च को मनाई जाएगी, जो चांद दिखने पर निर्भर करेगी।