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FD से चाहिए 10,000 रुपये महीने की इनकम? जानिए कितना करना होगा निवेश

FD Monthly Income: फिक्स्ड डिपॉजिट आज भी सुरक्षित और तय रिटर्न चाहने वाले निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है। अगर कोई व्यक्ति FD से हर महीने 10 हजार रुपये की नियमित आय चाहता है, तो उसे ब्याज दर के हिसाब से करीब 15 लाख से 20 लाख रुपये तक निवेश करना पड़ सकता है।

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भारत

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Pawan Jayaswal

May 09, 2026

FD Calculator

एफडी से मंथली इनकम भी ले सकते हैं। (PC: AI)

FD Calculator: बाजार में चाहे कितनी भी हलचल क्यों न हो, लेकिन फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD पर लोगों का भरोसा आज भी कायम है। खासकर रिटायर हो चुके लोग और सुरक्षित निवेश पसंद करने वाले निवेशक FD को सबसे भरोसेमंद विकल्प मानते हैं। कई लोग चाहते हैं कि उन्हें रिटायरमेंट के बाद हर महीने एक निश्चित इनकम मिलती रहे। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि आखिर बैंक FD में कितना पैसा जमा करना होगा, ताकि हर महीने 10 हजार रुपये की कमाई हो सके।

अगर कोई निवेशक हर महीने 10 हजार रुपये पाना चाहता है, तो उसे सालभर में कुल 1.20 लाख रुपये ब्याज के तौर पर चाहिए होंगे। इसके लिए लोग आमतौर पर नॉन-क्यूम्युलेटिव FD का विकल्प चुनते हैं। इसमें ब्याज हर महीने, तिमाही या तय अंतराल पर खाते में आता रहता है, जबकि मूल रकम सुरक्षित रहती है। यही वजह है कि इसे नियमित आय चाहने वालों के लिए अच्छा विकल्प माना जाता है।

कितनी ब्याज दर पर कितना निवेश?

अगर बैंक 6 फीसदी सालाना ब्याज दे रहा है, तो करीब 20 लाख रुपये FD में लगाने होंगे। वहीं, 7 फीसदी ब्याज दर पर यह जरूरत घटकर लगभग 17.14 लाख रुपये रह जाती है। अगर ब्याज दर 7.25 फीसदी हो, तो करीब 16.55 लाख रुपये निवेश करने होंगे। 7.5 फीसदी ब्याज मिलने पर लगभग 16 लाख रुपये और 8 फीसदी ब्याज दर पर करीब 15 लाख रुपये की FD से हर महीने 10 हजार रुपये तक की इनकम बन सकती है।

छोटे फाइनेंस बैंक कई बार बड़े बैंकों के मुकाबले ज्यादा ब्याज ऑफर करते हैं। वहीं, वरिष्ठ नागरिकों को आम निवेशकों के मुकाबले आमतौर पर 0.50 फीसदी तक अतिरिक्त ब्याज मिलता है। यही वजह है कि रिटायरमेंट के बाद काफी लोग FD को आय का स्थायी जरिया बना लेते हैं।

FD पर टैक्स कैसे लगता है?

FD से मिलने वाला ब्याज “इनकम फ्रॉम अदर सोर्स” के तहत टैक्सेबल माना जाता है। यानी यह आपकी कुल आय में जुड़ जाता है और उसी हिसाब से टैक्स लगता है। पुराने टैक्स सिस्टम में वरिष्ठ नागरिकों को सेक्शन 80TTB के तहत 50 हजार रुपये तक की ब्याज आय पर छूट मिल सकती है। वहीं, 5 साल की टैक्स सेविंग FD पर सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की कटौती का फायदा भी लिया जा सकता है।

कब कटता है TDS?

अगर एक वित्त वर्ष में FD से मिलने वाला ब्याज तय सीमा से ज्यादा हो जाता है, तो बैंक TDS काटते हैं। FY 2025 में सामान्य निवेशकों के लिए यह सीमा 50 हजार रुपये और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 1 लाख रुपये रखी गई है। PAN उपलब्ध होने पर आमतौर पर 10 फीसदी TDS कटता है। जिन लोगों की कुल टैक्स देनदारी शून्य है, वे जरूरी शर्तें पूरी करके फॉर्म 15G या 15H की जगह अब Form 121 जमा कर TDS कटने से बच सकते हैं।