
एसआईपी से लॉन्ग टर्म में बड़ा फंड बना सकते हैं। (PC: AI)
SIP Calculator: आज की युवा पीढ़ी पहले के मुकाबले काफी जल्दी कमाने लग गई है। कॉलेज खत्म होने से पहले ही इंटर्नशिप शुरू हो जाती है और 22-23 साल की उम्र तक अच्छी नौकरी भी मिल जाती है। लेकिन कमाई बढ़ने के साथ एक दिक्कत भी तेजी से बढ़ रही है। सैलरी तो हर महीने खाते में आ रही है, लेकिन सेविंग्स के नाम पर हाथ खाली रह जाते हैं। कई लोग सालों नौकरी करने के बाद भी मजबूत फंड तैयार नहीं कर पाते।
असल में, पैसा कमाने से ज्यादा जरूरी है सही समय पर निवेश शुरू करना। अगर शुरुआत जल्दी हो जाए और निवेश में अनुशासन बना रहे, तो छोटी रकम भी आगे चलकर बड़ा फंड बना सकती है। इसमें कंपाउंडिंग बहुत मदद करती है।
कंपाउंडिंग को आसान भाषा में समझें, तो यह “ब्याज पर ब्याज” का खेल है। शुरुआत में निवेश धीरे-धीरे बढ़ता दिखता है, लेकिन समय बीतने के साथ रफ्तार तेज हो जाती है। आपका रिटर्न भी दोबारा निवेश में जुड़ता रहता है और फिर उसी पर अगला रिटर्न मिलता है। यही वजह है कि लंबे समय तक निवेश करने वालों को सबसे ज्यादा फायदा मिलता है। म्यूचुअल फंड SIP में कंपाउंडिंग का असर काफी मजबूत माना जाता है। जितना लंबा समय, उतना बड़ा फायदा। इसलिए एक्सपर्ट्स हमेशा जल्दी निवेश शुरू करने की सलाह देते हैं।
अगर कोई व्यक्ति 20 साल में करीब 3 करोड़ रुपये का फंड बनाना चाहता है, तो 15x11x20 का फॉर्मूला मददगार साबित हो सकता है। इस फॉर्मूले का मतलब है:
| फॉर्मूला | विवरण |
|---|---|
| SIP रकम | 15,000 रुपये प्रति माह |
| स्टेप-अप | हर साल 11% बढ़ोतरी |
| निवेश अवधि | 20 साल |
| अनुमानित सालाना रिटर्न | 12% |
| कुल निवेश राशि | लगभग 1.15 करोड़ रुपये |
| अनुमानित ब्याज आय | लगभग 1.87 करोड़ रुपये |
| 20 साल बाद कुल फंड | लगभग 3.03 करोड़ रुपये |
यानी आपकी आय बढ़ने के साथ निवेश भी बढ़ता रहेगा। इससे लंबे समय में फंड तेजी से तैयार होता है। अगर इस निवेश पर औसतन 12 फीसदी सालाना रिटर्न मान लिया जाए, तो 20 साल बाद कुल फंड करीब 3.03 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। इसमें कुल निवेश राशि लगभग 1.15 करोड़ रुपये होगी। जबकि करीब 1.87 करोड़ रुपये ब्याज आय होगी। यही कंपाउंडिंग की असली ताकत मानी जाती है। शुरुआत में निवेश छोटा लगता है, लेकिन समय के साथ यह बड़ी रकम में बदल जाता है।
निवेश की दुनिया में समय सबसे बड़ा हथियार माना जाता है। अगर कोई व्यक्ति 25 साल की उम्र में SIP शुरू करता है, तो उसे ज्यादा फायदा मिल सकता है, जबकि देर से शुरुआत करने वालों को बड़ा फंड बनाने के लिए ज्यादा रकम निवेश करनी पड़ती है। अगर निवेशक हर साल अपनी SIP बढ़ाते रहें और बीच में निवेश बंद न करें, तो लंबे समय में बड़ा फंड बनाना मुश्किल नहीं माना जाता।
Published on:
09 May 2026 01:07 pm
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