Trump T1 Phone Made in America Controversy: ट्रंप मोबाइल ने अपने T1 फोन से 'मेड इन अमेरिका' टैग हटा दिया और अब इसे 'गर्व से अमेरिकी' बताया है।
Trump T1 Phone Made in America Controversy: ट्रंप मोबाइल ने अपने पहले स्मार्टफोन T1 के बारे में पहले दावा(Trump T1 Phone Made in America Controversy) किया था कि यह "मेड इन अमेरिका (Made in America Claim)" है, यानी यह पूरी तरह अमेरिका में बना है। लेकिन लॉन्च के कुछ ही दिनों बाद कंपनी ने यह दावा (Trump Mobile Controversy) हटा कर अब इसे केवल “गर्व से अमेरिकी” बताया है। कंपनी की वेबसाइट पर अब लिखा गया है कि यह फोन (Trump T1 Phone)“अमेरिकी मूल्यों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया” है और “हर डिवाइस के पीछे अमेरिकी हाथ है।” हालांकि अब यह साफ तौर पर नहीं बताया गया है कि फोन (T1 Specifications Update) अमेरिका में ही बना है या नहीं।
एरिक ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा था कि ये फोन अमेरिका में ही बनाए गए हैं और मिसौरी के सेंट लुईस से संचालित होते हैं। इसके बाद जब लोगों ने सवाल उठाए तो वेबसाइट की भाषा को बदला गया।
हालांकि वेबसाइट पर टैग बदले गए हैं, लेकिन ट्रंप मोबाइल के प्रवक्ता क्रिस वॉकर का कहना है कि “टी1 फोन अमेरिका में बनाए जा रहे हैं।” उन्होंने मीडिया रिपोर्ट्स को “गलत और भ्रामक” बताया।
सिर्फ टैगलाइन ही नहीं, बल्कि फोन के फीचर्स और स्पेसिफिकेशन में भी बदलाव किया गया है। लॉन्च के बाद कंपनी ने वेबसाइट पर डाले गए विवरणों को अपडेट किया, जिससे पहले की तुलना में कुछ तकनीकी खूबियों में कटौती दिख रही है।
अब यह देखना बाकी है कि T1TM फोन का गोल्ड वर्जन किन स्पेसिफिकेशनों के साथ पेश किया जाएगा और उपभोक्ताओं की प्रतिक्रिया इस बदलाव पर कैसी रहती है।
सोशल मीडिया पर ट्रंप मोबाइल के "मेड इन अमेरिका" टैग हटाने को लेकर यूजर्स ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कई लोगों ने इसे "मार्केटिंग छलावा" बताया, जबकि कुछ ट्रंप समर्थकों ने इसे "प्रोडक्शन प्रक्रिया का हिस्सा" कहकर बचाव किया। टेक समीक्षकों ने भी स्पेसिफिकेशन में बदलाव को पारदर्शिता की कमी बताया, जिससे ब्रांड की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे हैं।
आने वाले हफ्तों में यह देखना जरूरी होगा कि ट्रंप मोबाइल वास्तव में कहां मैन्युफैक्चर हो रहा है — क्या अमेरिका में या किसी थर्ड पार्टी लोकेशन में बन रहा है? इसके अलावा, अपडेट किए गए स्पेसिफिकेशन से जुड़े यूज़र रिव्यू और शुरुआती सेल डेटा ब्रांड की पोजिशन को तय करेंगे। संभावना है कि अमेरिका के फेडरल ट्रेड कमीशन (FTC) भी 'Made in USA' दावे की वैधता पर निगरानी रखेगा।
ट्रंप ब्रांड का यह मोबाइल सिर्फ टेक प्रोडक्ट नहीं, बल्कि राजनीतिक छवि और राष्ट्रवादी भावनाओं से भी जुड़ा हुआ है। “गर्व से अमेरिकी” टैग लाइन दरअसल ट्रंप समर्थकों को लुभाने की रणनीति हो सकती है, खासकर 2024 राष्ट्रपति चुनावों के संदर्भ में है। दूसरी ओर, अगर फोन चीन या किसी अन्य देश में बना है, तो यह 'Buy American' नारे के खिलाफ जा सकता है, जिससे विरोधियों को मुद्दा मिल सकता है।