केंद्रीय बजट 2026 में युवाओं को रोजगार देने के लिए बड़े ऐलान किए गए हैं। सेमीकंडक्टर, हेल्थ और AVGC सेक्टर में नौकरियों की उम्मीद।
केंद्रीय बजट 2026 में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और बेरोजगारी की समस्या से निपटने के लिए कई अहम घोषणाएं की गई हैं। जहां एक ओर नई नौकरियों के लिए रास्ते खोले गए हैं, वहीं स्टार्टअप शुरू करने के इच्छुक युवाओं के लिए निवेश और प्रशिक्षण के नए अवसर भी उपलब्ध कराए गए हैं। आइए उन प्रमुख क्षेत्रों पर नजर डालते हैं, जहां आने वाले समय में रोजगार के व्यापक अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
केंद्रीय बजट में सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए 40 हजार करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है। चिप मैन्युफैक्चरिंग हब बनने से भारत में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और लाखों नई नौकरियां पैदा होने की संभावना है।
केंद्रीय बजट में AVGC (Animation, Visual Effects, Gaming and Comics) सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित करने का ऐलान किया गया है। इसके तहत देश के 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में लैब्स खोली जाएंगी। इसका उद्देश्य युवाओं को गेमिंग, एनीमेशन और डिजिटल कंटेंट निर्माण का प्रशिक्षण देना है। सरकार के इस कदम से 2030 तक करीब 20 लाख प्रोफेशनल्स की जरूरत होने का अनुमान है। कुल मिलाकर, बजट में भारत को ‘ग्लोबल गेमिंग हब’ बनाने की नींव रखी गई है।
भारत के हेल्थकेयर सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने अहम कदम उठाए हैं। बजट 2026 में की गई घोषणा के अनुसार, अगले पांच वर्षों में 1 लाख अलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके तहत स्वास्थ्य संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा और नए संस्थान स्थापित किए जाएंगे। ऑप्टोमेट्री, रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया, ओटी टेक्नोलॉजी और बिहेवियरल हेल्थ जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही 1.5 लाख केयरगिवर्स को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने IIM की भूमिका का भी जिक्र किया है। वित्त मंत्री के अनुसार, IIM की मदद से देश के 20 हजार प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए 10 हजार टूरिस्ट गाइड तैयार किए जाएंगे। इसके लिए IIM में शॉर्ट-टर्म कोर्स शुरू किए जाएंगे, जो हाइब्रिड मोड में संचालित होंगे।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में तीन नए आयुर्वेदिक संस्थान स्थापित करने की घोषणा की है। साथ ही आयुष फार्मेसी को भी अपग्रेड किया जाएगा। इसके अलावा पशुपालन और वेटरनरी प्रोफेशनल्स की कमी को दूर करने के लिए नए वेटरनरी और पैरा-वेटरनरी कॉलेज स्थापित करने का भी ऐलान किया गया है। इसका उद्देश्य पशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करना और 20 हजार से अधिक कुशल पेशेवर तैयार करना है। इसके लिए सरकार की ओर से वित्तीय सहायता और लोन-लिंक्ड सब्सिडी भी प्रदान की जाएगी।