
Stock Market Today 11th August 2026: भारतीय शेयर बाजार आज मंगलवार को गिरावट के साथ खुला और शुरुआती कारोबार में भी बिकवाली देखी जा रही है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स आज 33 अंक की मामूली गिरावट के साथ 78,509.77 पर खुला। शुरुआती कारोबार में 9 बजकर 30 मिनट पर यह 0.42 फीसदी या 320 अंक टूटकर 78,221 पर ट्रेड करता दिखा। इस समय सेंसेक्स पैक के 30 शेयरों में से 9 शेयर हरे निशान पर और 21 शेयर लाल निशान पर ट्रेड करते दिखे। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी इस समय 0.46 फीसदी या 112 अंक की गिरावट के साथ 24,468 पर ट्रेड करता दिखा।
शुरुआती कारोबार में सबसे अधिक गिरावट बैंकिंग शेयरों में देखने को मिली। निफ्टी पीएसयू बैंक 0.82 फीसदी और निफ्टी प्राइवेट बैंक 0.84 फीसदी की गिरावट के साथ ट्रेड करता दिखा। इसके अलावा, निफ्टी सीमेंट में 0.82 फीसदी, निफ्टी केमिकल्स में 0.66 फीसदी, निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स में 0.62 फीसदी और निफ्टी एफएमसीजी में 0.52 फीसदी की गिरावट दिखाई दी। इससे इतर निफ्टी आईटी में 0.54 फीसदी और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.52 फीसदी की तेजी देखने को मिली।
सेबी रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार डॉ रवि सिंह ने बताया कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें निवेशकों की चिंता बढ़ा रही हैं। ब्रेंट क्रूड फिर से 90 डॉलर के करीब पहुंच गया है। यही कारण है कि आज बाजार मे गिरावट दिख रही है। हालांकि, शेयर बाजार में फिलहाल तेजी की गुंजाइश बनी हुई है। अगर विदेशी निवेशक यानी FII भारतीय शेयरों में खरीदारी जारी रखते हैं और रुपये में स्थिरता बनी रहती है, तो दलाल स्ट्रीट की चाल आने वाले दिनों में मजबूत रह सकती है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक, बाजार के लिए सबसे बड़ा सकारात्मक संकेत FII का फिर से खरीदार बनना है। पहली तिमाही के उम्मीद से बेहतर नतीजों और रुपये में स्थिरता ने विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। इससे बाजार में हल्की तेजी का रुझान बना रह सकता है। घरेलू खपत भी बाजार के लिए बड़ा सपोर्ट बनी हुई है। मजबूत घरेलू मांग के चलते कंपनियों की कमाई में बढ़ोतरी का सिलसिला वित्त वर्ष 2026-27 तक जारी रहने की उम्मीद है। यही वजह है कि कच्चे तेल की कीमतों का दबाव होने के बावजूद बाजार की बुनियाद फिलहाल कमजोर नहीं दिख रही।
विजयकुमार का कहना है कि FCNR (B) खातों में आने वाला बड़ा विदेशी निवेश रुपये को मजबूती दे सकता है। अगर रुपया स्थिर रहता है तो विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय बाजार में पैसा लगाना और आसान हो सकता है। विदेशी निवेशकों की रणनीति में भी बदलाव नजर आ रहा है। वे दक्षिण कोरिया और ताइवान के चिप शेयरों से पैसा निकालकर दूसरी जगह लगा रहे हैं। इसका एक हिस्सा भारतीय शेयर बाजार की ओर आ रहा है, क्योंकि भारत में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी अभी भी कई दूसरे बड़े बाजारों के मुकाबले कम है।
विदेशी निवेशक सिर्फ सस्ते शेयरों की तलाश में नहीं हैं। वे टेलीकॉम, रिन्यूएबल एनर्जी, कैपिटल गुड्स और फार्मा जैसे सेक्टर्स के महंगे वैल्यूएशन वाले शेयरों में भी पैसा लगा रहे हैं। दूसरी ओर, बैंकिंग सेक्टर की बड़ी कंपनियां तुलनात्मक रूप से आकर्षक वैल्यूएशन पर होने के बावजूद विदेशी निवेशकों की पहली पसंद नहीं बनी हैं।
तकनीकी नजरिए से देखें तो पिछले कारोबारी सत्र में निफ्टी-50 पूरे दिन एक सीमित दायरे में ऊपर-नीचे होता रहा। LKP Securities के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रुपक डे के मुताबिक, फिलहाल इंडेक्स का शॉर्ट से नियर टर्म ट्रेंड साइडवेज से पॉजिटिव बना हुआ है। निफ्टी लगातार अपने अहम शॉर्ट टर्म 50 EMA के ऊपर बना हुआ है। यह बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। डेली RSI में भी बुलिश क्रॉसओवर बना हुआ है, जिससे तेजी की उम्मीद को बल मिलता है। अब बाजार की नजर 24,650 के स्तर पर रहेगी। यह निफ्टी के लिए अहम रेजिस्टेंस है। अगर इंडेक्स इस स्तर के ऊपर मजबूती से टिकता है, तो बाजार में एक अच्छी और टिकाऊ तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं, निफ्टी 24,500 के स्तर से नीचे फिसलता है, तो बाजार में कमजोरी बढ़ सकती है।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)