Monday share market prediction: सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर वैश्विक तनाव का साया रहेगा। इसके साथ ही चुनाव परिणामों पर भी नजर रहेगी। डोनाल्ड ट्रम्प के सख्त रुख और कच्चे तेल की 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर की कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। एक्सपर्ट्स ने फिलहाल सतर्क रहकर निवेश करने की सलाह दी है।
Monday Indian Stock Market Prediction: भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछला हफ्ता काफी उथल-पुथल भरा रहा। गुरुवार को सेंसेक्स और निफ्टी में 0.7% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जिसका मुख्य कारण कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग और रुपये का अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंचना था। शुक्रवार को महाराष्ट्र दिवस के कारण बाजार बंद रहा, लेकिन अब निवेशकों की नजरें सोमवार के कारोबारी सत्र पर टिकी हैं। क्या बाजार अपनी गिरावट को थाम पाएगा या नुकसान और बढ़ेगा? इसके पीछे कुछ जरूरी कारण है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के बातचीत के प्रस्ताव पर असंतोष जताया है। ट्रम्प का कहना है कि वे ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) पर ईरान के कब्जे को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने शुक्रवार को फ्लोरिडा में एक भाषण के दौरान भी इसी बात पर जोर दिया कि अमेरिका समय से पहले इस संघर्ष को समाप्त नहीं करेगा। इस तनाव के कारण वैश्विक बाजार में डर का माहौल है। अगर तनाव बढ़ता है, तो सोमवार को भारतीय बाजार में भारी बिकवाली देखी जा सकती है।
कच्चा तेल (Brent Crude) फिलहाल 108 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत विफल रही, तो तेल की कीमतें $150 तक जा सकती हैं। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश तेल आयात करता है, ऐसे में महंगा तेल भारत की अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार के लिए सबसे बड़ा खतरा है।
शनिवार को कोटक महिंद्रा बैंक और डी-मार्ट (Avenue Supermarts) ने अपने नतीजे घोषित किए हैं। डी-मार्ट का मुनाफा 19 फीसदी बढ़ा है, वहीं कोटक बैंक के नेट प्रॉफिट में भी 13.3 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है। इन दोनों बड़े शेयरों का प्रदर्शन सोमवार को बैंकिंग और रिटेल सेक्टर की दिशा तय करेगा।
भारतीय रुपया 95.33 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। विदेशी निवेशकों द्वारा बाजार से पैसा निकालने के डर से बाजार में घबराहट है। निफ्टी फिलहाल 24,000–24,100 के दायरे में है। जानकारों के मुताबिक, अगर निफ्टी 23,800 का स्तर तोड़ता है, तो यह 23,400 तक गिर सकता है। निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे फिलहाल आक्रामक खरीदारी से बचें और सतर्क रहें।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक चुनावों के नतीजे कुछ समय के लिए मार्केट में रौनक ला सकते हैं, लेकिन यह लंबे समय तक नहीं रहेगी। ब्रोकरेज फर्म कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने बताया कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी को बढ़त मिलने से शुरुआती कारोबार में तेजी आ सकती है। लेकिन बाजार की असली दिशा कच्चे तेल के भाव, ईरान-अमेरिका शांति वार्ता, कंपनियों के तिमाही नतीजे और रुपये की गिरावट ही तय करेंगे।