
जय चौधरी साइबर सिक्योरिटी कंपनी स्केलर इंक के संस्थापक हैं और दुनिया के चंद अरबपतियों में शामिल हैं। ये मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के हैं। इनका जन्म ऐसे गांव में हुआ था जहां पीने के पानी का संकट था। अरबपति बनने के बाद इन्होंने कहा है कि पैसा इनके लिए उतना महत्व नहीं रखता है। मानसिक खुशी ही असली संपत्ति है। इन्होंने सिनासिनाटी यूनिवर्सिटी से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स के साथ इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई की है, हार्वड बिजनेस स्कूल से बिजनेस की बारीकियां सीखी हैं।
करीब दस साल पहले इन्होंने स्टार्टअप के तौर पर स्केलर इंक कंपनी की शुरुआत की थी जिसके बाद इस मुकाम पर पहुंचे हैं। अरबपतियों की सूची में आने के बाद इन्होंने कहा है कि इनके भीतर कोई बदलाव नहीं हुआ है। खुशी के सवाल पर कहते हैं कि मेरे लिए मानसिक शांति ही खुशी है और पैसे का इससे कोई बहुत अधिक लेना देना नहीं है। आज भी अपने गांव जाते हैं क्योंकि वहीं पर उन्होंने कुछ समय बिताया है और आज जो भी हैं उसी की मिट्टी से हैं।
भविष्य की तकनीकी चुनौतियों पर कहते हैं कि दुनिया को डाटा हैकिंग से बचाना ही इनका पहला लक्ष्य है। जो लोग इंटरनेट व क्लाउड नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं उनका बिजनेस और डाटा सुरक्षित रहे। इसी पर टीम के साथ काम कर रहे हैं।