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एक नहीं है सेरेमिक और टेफलॉन कोटिंग , यहां जानें कौन है बेहतर

कार को बेहतर हालत में बनाए रखने के लिए उसकी देखरेख करना जरूरी होता है लेकिन जो भी तरीका आप अपनाने जा रहे हैं उसके बारे में पहले जानकारी होना जरूरी है ताकि सही फैसला लिया जा सके ।

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नई दिल्ली : कार चलाने वालों के लिए उनकी कार से ज्यादा इंपॉर्टेंट कुछ भी नहीं होता और लोग अपनी कार को सजाने संवारने के लिए तरह-तरह की पॉलिश और कोटिंग कराते रहते हैं। अगर आप भी इस फेस्टिव सीजन अपनी कार को संवारने के लिए इस कोटिंग कराने की सोच रहे हैं लेकिन सेरेमिक और टेफलॉन कोटिंग में कंफ्यूज हैं, नहीं समझ पा रहे हैं कि कौन सी बेहतर है या ज्यादा फायदेमंद होगी तो पढ़ें ये आर्टिकल-

टेफलॉन और सेरेमिक कोटिंग-

टेफलॉन कोटिंग यानी एंटी रस्ट कोटिंग को कार की बॉडी और निचले हिस्से पर किया जाता है। यह सिंथेटिक फ्लोरोपॉलिमर का केमिकल फॉर्म है, जो चिपचिपा नहीं होता और इसे जिस पर लगाया जाए उस सतह की स्मूदनेस बढ़ जाती है।

जबकि सिरेमिक कोटिंग लिक्विड पॉलिमर से बनी होती है। जब सिरेमिक कोटिंग कार की बॉडी पर लगाई जाती है तो फैक्ट्री पेंट के साथ पॉलिमर एक तरह की केमिकल बॉन्डिंग बना लेता है।

टेफलॉन कोटिंग के फायदे -

टेफलॉन कोटिंग से न सिर्फ चमक बढ़ जाती है बल्कि कार पर पड़े छोटे-मोटे स्क्रैच भी ठीक हो जाते हैं इसके अलावा ये आपकी गाड़ी को रस्ट से बचाता है इसीलिए शहरों में रहने वाले लोग इस कोटिंग को करवाना पसंद करते हैं। ये कोटिंग 2 महीने से ज्यादा नहीं चलती है।

सेरेमिक कोटिंग के फायदे-

सेरेमिक कोटिंग से भी गाड़ी की चमक में इजाफा होता है और ये कार को छोटे-मोटे स्क्रैच औऱ धूल-जंग से बचाती है लेकिन इसका सबसे बड़ा फायदा ये है कि ये कोटिंग 2 साल तक चलती है यानि इसे बार-बार कराने की जरूरत नहीं है। अब फैसला आपको करना है कि आप कौन सी कोटिंग कराएंगे।

Updated on:
28 Sept 2019 05:30 pm
Published on:
28 Sept 2019 05:29 pm
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