
अगर आपका बच्चा भी मोबाइल गेम्स का हद से ज्यादा दीवाना है और दिन भर लैपटॉप या मोबाइल में गेम खेलने में ही लगा रहता है तो समझिए उसमें गेम डेवलपर बनने की पूरी काबिलियत है। इन दिनों युवा इस शौक को अपना कॅरियर बना रहे हैं। दिन दूनी रात चौगुनी बढती जा रही वीडियो गेम इंडस्ट्री का भारत में भी तेजी से विस्तार हो रहा है। स्टूडेंट्स गेम्स को आकर्षक तरीके से डिजाइन करने में अपना भविष्य बना रहे हैं। जानें इस क्षेत्र के बारे में-
गेम डेवलपर बनने के लिए आवश्यक योग्यता
डिप्लोमा कोर्स के लिए मान्यता प्राप्त बोर्ड से किसी भी स्ट्रीम से १२वीं पास होना अनिवार्य है। सर्टिफिकेट कोर्स के लिए १०वीं पास होना जरूरी है। ग्रेजुएशन के लिए १२वीं पास और पीजी में प्रवेश के लिए संबंधित फील्ड में बैचलर्स की डिग्री अनिवार्य है। कम्प्यूटर साइंस और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में इंजीनियरिंग करने के बाद भी आप गेम डेवलपर बन सकते हैं।
इन कोर्सेज को करने के बाद बन सकते हैं गेम डेवलपर
(1) सर्टिफिकेट इन गेमिंग और गेम आर्ट एंड डिजाइन
(2) डिप्लोमा इन प्रोडक्शन गेमिंग
(3) डिप्लोमा इन गेम डेवलपमेंट
(4) डिप्लोमा इन एनिमेशन, गेमिंग एंड स्पेशल इफैक्ट
(5) डिप्लोमा इन गेम डिजाइन एंड इंटिग्रेशन
(6) एडवांस्ड डिप्लोमा इन गेम आर्ट एंड थ्री-डी गेम कंटेंट क्रिएशनएडवांस्ड डिप्लोमा इन गेम डिजाइन एंड डेवलपमेंट एप्लीकेशन
(7) बीएससी इन मीडिया एनिमेशन एंड डिजाइन
(8) बीएससी इन डिजिटल फिल्ममेकिंग एंड एनिमेशन
(9) एमएससी इन मल्टीमीडिया एंड एनिमेशन
(10) इंटिग्रेटेड एमएससी इन मल्टीमीडिया एंड एनिमेशन विद गेम आर्ट एंड डिजाइन
यहां से करें पढ़ाई
(1) भारतीय विद्यापीठ यूनिवर्सिटी, पुणे
(2) एकेडमी ऑफ एनिमेशन एंड गेमिंग, नोएडा
(3) दिल्ली यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली
(4) इंस्टीट्यूट फॉर इंटीरियर, फैशन एंड एनिमेशन (IIFA), बेंगलूरु