चण्डीगढ़ हरियाणा

हरियाणा में 21.30 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में छह दुकानें सील, 5 करोड़ की रिकवरी; कानूनी कार्रवाई जारी

Haryana Excise Department: हरियाणा के यमुनानगर में 21.30 करोड़ रुपये की कथित शराब धोखाधड़ी के मामले में एक्साइज विभाग ने कार्रवाई की है। विभाग के मुताबिक करीब 5 करोड़ रुपये की रिकवरी हो चुकी है और मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है।
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Haryana Excise Department
21.30 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में तीन दुकानें सील

Yamunanagar Liquor Scam: हरियाणा के यमुनानगर में शराब कारोबार से जुड़ा करीब 21.30 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि शराब कारोबार से जुड़ी दो फर्मों ने एक्साइज एवं टैक्सेशन विभाग के सरकारी सॉफ्टवेयर में कथित तौर पर गड़बड़ी कर राजस्व को नुकसान पहुंचाया। मामले में विभाग ने कार्रवाई करते हुए तीन दुकानों को सील किया है, जबकि करीब 5 करोड़ रुपये की रिकवरी किए जाने की बात कही गई है।

मामले में शिकायतकर्ता अभिनव कोहली ने आरोप लगाया है कि सरकारी सिस्टम में 100 से अधिक फर्जी ई-GRN नंबर बनाए गए। उनके मुताबिक, इन नंबरों के जरिए शराब कारोबार से संबंधित रिकॉर्ड में कथित हेरफेर किया गया, जिससे सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान हुआ। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की विस्तृत जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

लाइसेंस रद्द करने की मांग

विवाद सामने आने के बाद एक्साइज एवं टैक्सेशन विभाग ने संबंधित शराब फर्मों के तीन गोदामों को सील कर दिया था। हालांकि, अभिनव कोहली का दावा है कि सील किए जाने के करीब दो दिन बाद ही गोदामों को फिर से खोल दिया गया। उन्होंने इस कार्रवाई को लेकर विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि यदि वित्तीय अनियमितता सामने आई है तो संबंधित फर्मों के लाइसेंस रद्द करने के साथ धोखाधड़ी का मामला भी दर्ज किया जाना चाहिए।

5 करोड़ रुपये की रिकवरी की जा चुकी है

वहीं, एक्साइज विभाग की ओर से भी मामले में कार्रवाई की जानकारी दी गई है। विभाग के DETC जितेंद्र कुमार के अनुसार, अब तक करीब 5 करोड़ रुपये की रिकवरी की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि लगभग 31 करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़े दस्तावेज विभाग के कब्जे में हैं। मामले की जांच के लिए एक कमेटी भी गठित की गई है।

मामले में कानूनी कार्रवाई जारी

विभाग का कहना है कि बाकी रकम की भी वसूली के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सरकारी राजस्व को वास्तविक नुकसान कितना हुआ और कथित अनियमितताओं के लिए कौन-कौन लोग जिम्मेदार हैं। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

Updated on:
25 Sept 2026 08:17 pm
Published on:
25 Sept 2026 05:27 pm