
Punjab ASI Murder Case Update: चंडीगढ़। पंजाब में अपराधियों के हौसले और पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। तरनतारन जिले में रविवार शाम काउंटर इंटेलिजेंस विंग के सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) इकबाल सिंह (55) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। ड्यूटी से घर लौट रहे इकबाल सिंह पर बाइक सवार दो हमलावरों ने गोलियां चलाईं और मौके से फरार हो गए। इस साल पंजाब में अब तक पांच पुलिसकर्मियों की हत्या हो चुकी है। लगातार हो रही वारदातों के बीच विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार को घेरते हुए कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
तरनतारन के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र लांबा के अनुसार, इकबाल सिंह माखू में तैनात थे। रविवार शाम करीब 6:15 से 6:30 बजे के बीच लोहका रोड पर बाइक सवार दो हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाया। हमलावर उनका पीछा कर रहे थे और उन्होंने दो से तीन गोलियां चलाईं। एएसआई की मौके पर ही मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इकबाल सिंह निजी काम से लौट रहे थे और उस समय वर्दी में नहीं थे। वह तरनतारन से करीब 15 किलोमीटर दूर नौशेरा पन्नुआं के निवासी थे। पुलिस का कहना है कि मामले में कुछ सुराग मिले हैं और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पंजाब में पुलिसकर्मियों पर हमलों का सिलसिला लगातार सामने आया है। 22 फरवरी को गुरदासपुर के एक पुलिस थाने में एएसआई गुरनाम सिंह और होमगार्ड अशोक कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 24 मई को मजीठा में एएसआई जोगा सिंह और 17 सितंबर को अमृतसर में एएसआई हरजीत सिंह की हत्या हुई। 12 सितंबर को अमृतसर में एएसआई जसवंत सिंह हत्या के प्रयास में बाल-बाल बच गए, जबकि 4 अक्टूबर को अजनाला में एएसआई सुखचैन सिंह गोली लगने से घायल हो गए थे।
पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने हत्या को लेकर भगवंत मान सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पंजाब में लगातार गोलीबारी और हत्याओं से डर का माहौल बन रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पुलिसकर्मियों को ही निशाना बनाया जा रहा है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की उम्मीद कैसे की जा सकती है। वड़िंग ने कहा कि राज्य में बार-बार हो रही हत्याओं को लेकर सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री से पूछा कि सरकार कब जागेगी।
पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने भी कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस पंजाब में वर्दी पहने पुलिसकर्मी तक सुरक्षित नहीं हैं, वहां आम लोग किस पर भरोसा करें। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर कानून-व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े विज्ञापन दिए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सड़कों पर खून बह रहा है। ढिल्लों ने आम आदमी पार्टी सरकार को कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर विफल बताया।
मजीठिया का आरोप- कानून-व्यवस्था संभालने में विफल सरकार
शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी मुख्यमंत्री भगवंत मान पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों पर हमले हो रहे हैं और हत्यारे वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री राजनीतिक विरोधियों की आलोचना में व्यस्त हैं। मजीठिया ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल पंजाब को फिर हिंसा के दौर की ओर ले जा रहे हैं।