
राजेंद्र सिंह जादौन की रिपोर्ट...
(चंडीगढ): पंजाब सरकार ने गुरूवार को यहां जोधपुर जेल के चालीस बंदियों को अमृतसर के सत्र न्यायालय के आदेश के अनुसार तय मुआवजा राशि में से राज्य के हिस्से का वितरण कर दिया। मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने मुआवजा राशि के चेक वितरित किए।
यह है मामला
अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर में जून 1984 में सेना द्वारा उग्रवादियों को बाहर निकालने के लिए किए गए आॅपरेशन ब्ल्यू स्टार के दौरान 365 लोग गिरफ्तार कर जोधपुर जेल में रखे गए थे। इन जोधपुर जेल के बेदियों में से करीब 224 बंदियों ने अपने को निर्दोष बताते हुए जेल में रखे जाने के बदले मुआवजे की मांग को लेकर अमृतसर की निचली अदालत में अर्जी दाखिल की थी लेकिन यह अर्जी खारिज कर दी गई थी। इसके बाद इनमें से चालीस बंदियों ने अमृतसर के सत्र न्यायालय में मुआवजे के लिए अर्जी दायर की थी। लंबी सुनवाई के बाद अमृतसर के सत्र न्यायालय ने पिछले साल प्रति बंदी चार लाख रूपए और मुआवजा अर्जी दाखिल करने की तिथि से छह प्रतिशत सालाना ब्याज के साथ मुआवजा राशि के भुगतान का आदेश दिया था। अदालत ने यह मुआवजा केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा आधा-आधा भुगतान करने का आदेश दिया था।
केंद्र अपना हिस्सा देने को नहीं तैयार
मुआवजा राशि के भुगतान के लिए केन्द्र सरकार अपना हिस्सा देने को तैयार नहीं थी। केन्द्र ने मुआवजा भुगतान के अमृृतसर के सत्र न्यायालय के आदेश को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी है। केन्द्र की इस याचिका पर आगामी दो जुलाई को सुनवाई होना है। लेकिन पंजाब सरकार ने चालीस बंदियों के लिए तय साढे चार करोड मुआवजा राशि में से अपने हिस्से की आधा राशि का गुरूवार को यहां पंजाब भवन में आयोजित कार्यक्रम में वितरण कर दिया। इस अवसर पर पंजाब सरकार के मंत्री और सत्तारूढ कांग्रेस के विधायक भी मौजूद थे।
केंद्र से मुआवजा देने का अनुरोध करेगी राज्य सरकार
मुआवजा राशि में पंजाब के हिस्से के वितरण के बाद सिख प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और आशा व्यक्त की कि केन्द्र सरकार भी हाईकोर्ट से अपनी अपील वापस लेकर मुआवजे में अपने हिस्से की राशि का वितरण करेगी। मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि अभी जोधपुर जेल के चालीस बंदियों को मुआवजा राशि का वितरण किया गया है। वे केन्द्र सरकार से सभी 365 बंदियों को मुआवजा दिलाने का प्रयास करेंगे। मुख्यमंत्री ने इससे पहले भी केन्द्रीय गृृहमंत्री राजनाथ सिंह व केन्द्रीय गृृह सचिव राजीव गाबा से मुआवजा भुगतान कराने का अनुरोध किया था।